लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को संसद में जोरदार बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कई बार बोलने से रोके जाने का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री मोदी के कथित ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ होने, पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब और एपस्टीन मामले को उठाया। इसके जवाब में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने तीखा पलटवार किया।
रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के आरोपों को किया खारिज
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि उन्हें कई बार बोलने से रोका गया और प्रधानमंत्री मोदी के ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ होने, नरवणे और एपस्टीन मामलों को उठाया। इसके जवाब में रविशंकर प्रसाद ने साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी कभी भी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं हो सकते और नेता प्रतिपक्ष को यह याद दिलाया कि पॉइंट ऑफ ऑर्डर में बहस की अनुमति नहीं है।
Speaking in Parliament, Leader of Opposition in Lok Sabha, Rahul Gandhi, says, "The discussion here is about the democratic process and the role of the Speaker. Multiple times, my name has been raised, and wild things have been said about me. This House is the expression of the… pic.twitter.com/MxuJpKjfij
— ANI (@ANI) March 11, 2026
रविशंकर प्रसाद ने अविश्वास प्रस्ताव पर उठाए आपत्तिजनक सवाल
रविशंकर प्रसाद ने स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें यह प्रस्ताव समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि संसद की कार्यवाही का इस्तेमाल किसी नेता के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए न किया जाए और किताब के हवाले को प्रमाणित करना असंभव है।
Replying to LoP Rahul Gandhi in Lok Sabha, BJP MP RS Prasad says," I would like to remind the LoP that the Prime Minister of India can never be compromised…" https://t.co/DC8N8hxtHC pic.twitter.com/bTz9Lc5tvI
— ANI (@ANI) March 11, 2026
नरवणे की किताब से शुरू हुआ विवाद, अविश्वास प्रस्ताव तक मामला पहुंचा
2 फरवरी को राष्ट्रपति के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब का हवाला देने की कोशिश की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी प्रमाणिकता न होने का हवाला देते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिसे 50 से ज्यादा सांसदों ने समर्थन दिया। 118 विपक्षी सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए और 10 घंटे की बहस के लिए अनुमति दी गई।
Keywords: Rahul Gandhi Vs Ravi Shankar Prasad, Om Birla No-Confidence Motion, Naravane Book Controversy In Parliament

