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सोने की कीमत में लगी आग! क्या 2008 की मंदी वाला बुरा दौर फिर आ रहा है?

सोने की कीमतें 1.21 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचीं, वैश्विक संकट, बैंकों की खरीद और रुपये की कमजोरी ने 2008 की मंदी की याद दिलाई।

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सोने की कीमतें आजकल आसमान छू रही हैं और लोग हैरान हैं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 1.21 लाख रुपये तक पहुंच गई है। वैश्विक बाजार में सोना 3977 डॉलर प्रति औंस पर है। यह तेजी 2008 की आर्थिक मंदी की याद दिला रही है जब लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते थे। इस बार कई कारणों ने सोने की चमक को और बढ़ा दिया है।

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वैश्विक संकट और सोने की मांग

दुनिया में तनाव बढ़ने से लोग सोने की ओर भाग रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व के झगड़े निवेशकों को डरा रहे हैं। अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता और नीतियों ने बाजारों को हिला दिया है। फ्रांस में भी हालात ठीक नहीं हैं। ऐसे में सोना सुरक्षित निवेश लगता है। 2008 की मंदी में सोने की कीमतें जनवरी 2008 से अगस्त 2011 तक 100% बढ़ी थीं। इस साल 2025 में भी 60% की तेजी आ चुकी है।

बैंकों की सोना खरीद

दुनिया के बड़े बैंक सोना खरीदने में जुटे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक पिछले दस सालों में बैंकों ने अपने सोने के भंडार दोगुने कर लिए हैं। 2025 में रूस, चीन, भारत और तुर्की जैसे देश भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। भारत के रिजर्व बैंक ने भी भंडार बढ़ाया है। जनवरी 2024 में 7.7% से फरवरी 2025 में 11.31% हो गया। बैंकों की मासिक खरीद 710 टन तक पहुंची है। इससे सोने की सप्लाई कम हो रही है और कीमतें ऊपर जा रही हैं।

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अमेरिकी ब्याज दरों का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने सितंबर 2025 में ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की। अगर श्रम बाजार कमजोर रहा, तो और कटौती हो सकती है। ब्याज दरें गिरने से डॉलर कमजोर होता है और सोने की कीमतें बढ़ती हैं। 2020 की महामारी में भी सोने में 53% की तेजी आई थी। जेपी मॉर्गन रिसर्च का अनुमान है कि 2026 तक सोना 4000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।

रुपये की कमजोरी

भारत में सोने की कीमतें वैश्विक बाजार से प्रभावित होती हैं लेकिन रुपये की कमजोरी ने इन्हें और महंगा कर दिया है। डॉलर मजबूत होने से रुपया 1.1% गिर गया है। इससे आयात महंगा हो रहा है। पिछले 30 सालों में सोने ने रुपये में 11% सालाना रिटर्न दिया है। टाटा म्यूचुअल फंड की रिपोर्ट के मुताबिक कीमतें 3500 से 4000 डॉलर के बीच रहेंगी।

निवेश में सोने की चमक

ज्वेलरी की मांग थोड़ी कम हुई है लेकिन निवेश बढ़ रहा है। गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड की डिमांड तेज है। लोग सोने को महंगाई से बचाव का रास्ता मान रहे हैं।

Keywords: Gold Price Surge, Global Crisis Impact, Central Bank Buying, US Interest Rates, Rupee Depreciation Effect

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