जम्मू और कश्मीर में सेना ने एक मुठभेड़ में यासिर और अबू हमजा समेत तीन आतंकियों को मार गिराया है। इन लोगों का 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए खूंखार आतंकी हमले में हाथ था। इन लोगों को ढेर करके सुरक्षा बलों ने आतंकी हमले का बदला ले लिया है।
जम्मू-कश्मीर में पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर हाशिम मूसा (जो पहले पाकिस्तानी सेना का सिपाही था) को आखिरकार भारतीय सेना ने मार गिराया है। यह एनकाउंटर 28 जुलाई को श्रीनगर के लिडवास इलाके में हुआ, अब इस मुठभेड़ की तस्वीरें सामने आई हैं।
हाशिम मूसा को न सिर्फ पहलगाम हमले का साजिशकर्ता माना जाता था, बल्कि वह सोनमर्ग टनल हमले का भी जिम्मेदार था।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बाइसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को पांच आतंकियों ने 26 पर्यटकों पर हमला किया था। इनमें ज्यादातर हिंदू थे, एक ईसाई पर्यटक व एक स्थानीय मुस्लिम भी मारा गया था।हमले में M4 कार्बाइन और AK-47 का इस्तेमाल हुआ था । द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), जो लश्कर का मोहरा है, ने पहले जिम्मेदारी ली थी, लेकिन बाद में इनकार कर दिया था।
हाशिम मूसा पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) का पैरा-कमांडो था, जो एक खास ट्रेनिंग वाली सेना इकाई है। 2022 में वह भारत में घुसपैठ कर लश्कर में शामिल हो गया था और कई हमलों की साजिश रची थी। पहलगाम हमले की प्लानिंग और एग्जिक्यूशन में उसकी बड़ी भूमिका थी. वह बाइसरन घाटी में 15 अप्रैल से मौजूद था और सात दिन तक रेकी (जासूसी) की थी।
पहलगाम हमले के 96 दिन बाद शुरू हुआ ऑपरेशन महादेव हाशिम मूसा को खत्म करने में सफल रहा। सेना ने ड्रोन, थर्मल इमेजिंग, और मानव खुफिया (ह्यूमिंट) से हाशिम की लोकेशन ट्रैक की, लिडवास के जंगलों में उसकी मौजूदगी का पता चला। 28 जुलाई की सुबह सेना ने इलाके को घेर लिया। हाशिम और उसके दो साथियों ने गोलीबारी शुरू की, लेकिन 6 घंटे की मुठभेड़ के बाद तीनों मारे गए।
मुठभेड़ में AK-47, ग्रेनेड, और IED (बम) बरामद हुए. हाशिम के पास से पाकिस्तानी पासपोर्ट और सैटेलाइट फोन भी मिला, जो ISI से संपर्क दिखाता है। लिडवास एनकाउंटर की तस्वीरें भी सामने आईं है।जिसमें मारे गए आतंकियों के शव और हथियार दिख रहे हैं. ये तस्वीरें सेना की कामयाबी का सबूत हैं।
इस मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकी पहलगाम हमले में शामिल थी। बताया जा रहा है कि पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड मूसा भी इस हमले में मारा गया है। हालांकि अभी तक सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। सेना इस पूरे ऑपरेशन पर जल्द ही जानकारी सांझा करेगी।

