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छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! जुलाई से बढ़ेगा बिजली बिल, नई दरों पर लगी मुहर

छत्तीसगढ़ भारत
big shock for chhattisgarh power consumers electricity bills to rise from july as new tariff rates get approval

AI Generated

छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नई दरों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सीमित बढ़ोतरी को मंजूरी देते हुए कहा कि संशोधित टैरिफ 1 जुलाई से प्रभावी होगा। हालांकि बिजली वितरण कंपनी ने कहीं अधिक वृद्धि की मांग की थी, लेकिन आयोग ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ को ध्यान में रखते हुए उससे काफी कम बढ़ोतरी को स्वीकृति दी। अधिकारियों के अनुसार यह फैसला बिजली क्षेत्र की वित्तीय जरूरतों और राजस्व संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया है।

प्रस्ताव से कम दरों को मिली मंजूरी

बिजली वितरण कंपनी ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रति यूनिट बिजली की लागत को अधिक रखने का सुझाव दिया था, लेकिन नियामक आयोग ने समीक्षा के बाद अपेक्षाकृत कम दरों को मंजूरी दी। आयोग का मानना है कि मौजूदा बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को देखते हुए संतुलित दरें तय करना जरूरी था। इसके चलते स्वीकृत दरें कंपनी के प्रस्ताव से कम रखी गई हैं।

घरेलू से लेकर किसानों तक पड़ेगा असर

नई बिजली दरों का प्रभाव राज्य के लाखों उपभोक्ताओं पर देखने को मिलेगा। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के कनेक्शन धारकों को भी बढ़े हुए शुल्क का सामना करना पड़ेगा। कृषि क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहेगा, क्योंकि किसानों के बिजली उपयोग पर भी दरों में संशोधन किया गया है। आयोग का कहना है कि यह बढ़ोतरी बिजली व्यवस्था की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई है।

राहत योजना के लाभार्थियों पर कम असर

बिजली दरों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार की रियायती योजना का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक कम खपत करने वाले पात्र परिवारों को पहले की तरह बिजली बिल में छूट मिलती रहेगी। नई दरों का असर इस श्रेणी के उपभोक्ताओं पर सीमित रहेगा और उनके मासिक बिल में केवल मामूली बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

कुछ वर्गों को मिलती रहेगी राहत

बिजली दरों में संशोधन के बावजूद कई श्रेणियों के उपभोक्ताओं को पहले की तरह विशेष छूट का लाभ मिलता रहेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के लिए रियायती व्यवस्था जारी रखी गई है। इसके अलावा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में संचालित अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी बिजली शुल्क में मिलने वाली राहत को बरकरार रखा गया है, ताकि आवश्यक सेवाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

टावर, ई-व्हीकल और किसानों को मिली राहत

नई बिजली दरों के साथ कई क्षेत्रों के लिए रियायतें भी जारी रखी गई हैं। आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल टावर संचालकों को विशेष छूट का लाभ मिलता रहेगा, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग दरें तय की गई हैं ताकि स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिल सके। कृषि क्षेत्र के लिए भी राहत बढ़ाई गई है और किसानों को सिंचाई से जुड़े उपयोग में अतिरिक्त सुविधा जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा कुछ छोटे उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को भी रियायती बिजली दरों का लाभ मिलता रहेगा। वहीं समय पर भुगतान करने वालों के लिए छूट की व्यवस्था में बदलाव किया गया है और देर से बिल जमा करने पर लगने वाले शुल्क की गणना का तरीका भी संशोधित किया गया है।

बिजली दरों पर सियासी घमासान

बिजली दरों में बढ़ोतरी के फैसले को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि संशोधित दरों के बावजूद राज्य में बिजली अन्य कई राज्यों की तुलना में सस्ती बनी हुई है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस फैसले को आम जनता, व्यापारियों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि लगातार बढ़ती बिजली दरों से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ेगी, जबकि सरकार का दावा है कि यह कदम बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है।

Keywords: Chhattisgarh Electricity Tariff Hike 2026, Power Tariff Increase Chhattisgarh, Electricity Bill Hike July 2026, Chhattisgarh State Electricity Regulatory Commission

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