केरल में शिगेला संक्रमण के मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में दो और मौतों की पुष्टि की है, जिसके बाद इस बीमारी से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं तथा संक्रमित मरीजों के इलाज और निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
इलाज के दौरान मासूम ने तोड़ा दम
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मलप्पुरम जिले के एक 7 वर्षीय बच्चे की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बच्चे को तेज बुखार और पेट संबंधी परेशानी होने पर कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद उसमें शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई थी और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था।
संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई जिलों से नए शिगेला संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। हाल ही में एक और संक्रमित व्यक्ति की मौत की पुष्टि के बाद चिंता और बढ़ गई है। इस वर्ष अब तक शिगेला संक्रमण के मामलों का आंकड़ा 147 तक पहुंच चुका है, जिनमें बड़ी संख्या जून महीने में दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण पर नजर रखने के लिए निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिए गए हैं।
शिगेला संक्रमण कैसे फैलता है और क्यों है खतरनाक?
शिगेला एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो मुख्य रूप से पेट और आंतों को प्रभावित करता है। यह दूषित भोजन, गंदे पानी या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है। इसके कारण तेज दस्त, पेट दर्द, उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अधिकांश मरीज इलाज से ठीक हो जाते हैं, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए यह संक्रमण गंभीर साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को हाथों की स्वच्छता बनाए रखने, साफ पानी पीने और भोजन की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दस्त, बुखार, पेट दर्द या अन्य असामान्य लक्षण महसूस हों तो बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
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