- Advertisement -

छठ महापर्व का सबसे मुश्किल 36 घंटे का निर्जल व्रत खरना के साथ हुआ शुरू, आज शाम डूबते सूर्य को अरघ

रविवार को खरना की पूजा के साथ छठ महापर्व का सबसे मुश्किल 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू हो गया है। आज सोमवार को श्रद्धालु डूबते हुए सूर्य को अरघ देंगे।

3 Min Read

भगवान सूर्य की पूजा और लोगों की आस्था का प्रतीक चार दिन का छठ महापर्व इस समय पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तारीख यानी रविवार को इस पर्व के दूसरे दिन व्रत रखने वाली महिलाओं ने पवित्रता और नियमों के साथ खरना की पूजा की। खरना की पूजा के साथ ही छठ पर्व का सबसे मुश्किल रिवाज, 36 घंटे का निर्जल व्रत शुरू हो गया है, जिसमें व्रत रखने वाली महिलाएं बिना पानी और अन्न खाए भगवान की पूजा करती है। यह पर्व अपने मन को साफ करने, नियम में रहने और भक्ति को दिखाता है।

- Advertisement -
Ad image

खरना की पूजा और खास प्रसाद

खरना के दिन व्रत रखने वाली महिलाओं ने दिन भर उपवास रखा। शाम को अच्छे समय में छठी माता की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के बाद महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर खास प्रसाद बनाया। इस प्रसाद में गुड़ की खीर, रोटी, केला, पूरी और रसियाव भात शामिल थे। पूजा पूरी होने के बाद सूर्य देव और छठी माता को भोग लगाया गया और फिर पूरे परिवार ने मिलकर यह प्रसाद खाया। इस दौरान महिलाओं ने “हे छठी मइया सुन ल अरजिया हमार…” जैसे पारंपरिक भजन गाए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। खरना के दिन सुबह महिलाओं ने स्नान करके लंबा सिंदूर लगाया और पूरे दिन नियमों का पालन करते हुए उपवास रखा। यह माना जाता है कि खरना की पूजा से सूर्य देव और छठी माता व्रत रखने वालों को सुख, खुशी और अच्छी सेहत का आशीर्वाद देते है।

आज डूबते सूर्य को अरघ देने का समय

अब सोमवार को छठ महापर्व का तीसरा दिन यानी षष्ठी तारीख है, जब सभी श्रद्धालु डूबते हुए सूर्य को अरघ देंगे। इस दिन चंद्रमा धनु राशि में रहेंगे। सुबह 7:27 बजे से सुकर्मा योग और दोपहर 1:27 बजे से रवि योग का अच्छा संयोग बन रहा है, जो 28 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे तक रहेगा। ज्योतिष जानने वाले एस. एस. नागपाल के हिसाब से, 27 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6:13 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 5:27 बजे होगा। इसी शुभ समय में महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अरघ देकर अपनी पूजा करेंगी। यह दिन छठ पर्व का एक बहुत खास हिस्सा होता है, जब भक्त पानी में खड़े होकर सूर्य देव की अंतिम किरणों को नमन करते है।

- Advertisement -
Ad image

Keywords: Chhath Puja Kharna Rituals, Chhath Vrat, Chhath Puja, Surya Dev

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू