दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक के दौरान समुद्री मार्ग को खुला रखने और जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट जारी रखने पर जोर दिया गया। इसे ईरान के लिए एक कड़ा कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया इस समय कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका असर सप्लाई चेन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है।
इंडो-पैसिफिक और वैश्विक संकटों पर QUAD का फोकस
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि बातचीत का मुख्य केंद्र दुनिया में तेजी से बदलते हालात और उनसे जुड़ी चुनौतियां रहीं। नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बेहद अहम बताया। बयान में यह भी कहा गया कि चारों लोकतांत्रिक देशों के बीच लगातार संवाद और रणनीतिक साझेदारी मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में और ज्यादा जरूरी हो गई है।
Addressing the press alongside FM @SenatorWong of Australia, FM Toshimitsu Motegi of Japan and @SecRubio of USA after Quad Foreign Ministers’ Meeting.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) May 26, 2026
🇮🇳 🇦🇺 🇯🇵 🇺🇸 https://t.co/cL7nb50X2u
समुद्री सुरक्षा को लेकर QUAD देशों का बड़ा प्लान
संयुक्त बयान में क्वाड देशों ने समुद्री सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई। इसमें समुद्री निगरानी, सुरक्षा नेटवर्क, अंडरसी केबल सुरक्षा, प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने कहा कि भविष्य में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाया जाएगा।
सप्लाई चेन और समुद्री व्यापार पर QUAD की एकजुटता
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाए रखने पर सहमति जताई। बैठक में समुद्री रास्तों पर निर्बाध व्यापार, अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। नेताओं ने भरोसेमंद सप्लाई नेटवर्क, तकनीकी सहयोग और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा और खाद की उपलब्धता जैसे अहम विषयों को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई।
Keywords: QUAD Foreign Ministers Meeting, Indo-Pacific Security QUAD, Global Supply Chain Crisis

