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अब दिल्ली में इलेक्ट्रिकल वाहनों को मिलेगा बढ़ावा, सरकार की नई EV पॉलिसी में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह खत्म

इस योजना का मकसद लोगों को ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। साथ ही चार्जिंग स्टेशन बढ़ाना, बैटरी रीसाइक्लिंग को मजबूत करना और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना शामिल है।

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देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने नई ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का मसौदा तैयार किया है। यह चार साल की योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, वायु गुणवत्ता सुधारने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। नीति की नींव Article 21 में दिए गए स्वच्छ वातावरण के अधिकार के साथ-साथ MC Mehta vs Union of India जैसे महत्वपूर्ण फैसलों और पर्यावरण से जुड़े कानूनों पर आधारित है।

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रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों में दिल्ली के प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा वाहनों से आता है, जिसमें दोपहिया वाहनों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में सरकार का फोकस इन्हें तेजी से इलेक्ट्रिक में बदलने पर है। इसके अलावा थ्री-व्हीलर, कमर्शियल कार और छोटे मालवाहक वाहन भी प्रदूषण के बड़े स्रोत माने गए हैं, जिन्हें इस नीति के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।

ईवी खरीद पर सब्सिडी और स्क्रैपिंग बोनस से मिलेगा बड़ा फायदा

नई नीति का फोकस हर वाहन श्रेणी में इलेक्ट्रिक विकल्प को बढ़ावा देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना और बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम को विकसित करना है, ताकि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो सके। सरकार ईवी खरीदने वालों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी देगी, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग वर्षों के अनुसार घटती दरों पर प्रोत्साहन तय किया गया है।

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इसी तरह ई-ऑटो, छोटे इलेक्ट्रिक ट्रक (एन1) और अन्य कमर्शियल वाहनों के लिए भी चरणबद्ध आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, पुरानी बीएस-IV या उससे नीचे की गाड़ियों को स्क्रैप करने पर अतिरिक्त इंसेंटिव मिलेगा, जिससे लोग पुराने वाहनों को हटाकर नए इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से शिफ्ट कर सकें।

टैक्स छूट और आसान चार्जिंग सिस्टम से बढ़ेगा ईवी का इस्तेमाल

नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी तरह राहत दी जाएगी। 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों को यह लाभ मिलेगा, जबकि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर आंशिक छूट दी जाएगी और महंगी कारों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए Delhi Transco Limited को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो चार्जिंग स्टेशनों की प्लानिंग, सही लोकेशन तय करने और बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही एक डिजिटल पोर्टल और सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे चार्जिंग स्टेशन लगाना आसान और तेज हो सके।

दिल्ली में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी मैनेजमेंट को मिलेगी नई मजबूती

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वाहन कंपनियों को हर डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना अनिवार्य होगा, जिसमें टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और फोर-व्हीलर के लिए अलग-अलग चार्जिंग सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति बैटरियों के सुरक्षित कलेक्शन और निपटान के लिए नियम बनाएगी। बैटरी ट्रैकिंग सिस्टम भी तैयार किया जाएगा, जिससे रीसाइक्लिंग और दोबारा उपयोग की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।

ईवी अपनाने के लिए सख्त नियम

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी। स्कूल बसों में भी चरणबद्ध तरीके से ईवी की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी, जिसे 2030 तक 30 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। सरकारी विभागों में खरीदी जाने वाली सभी नई गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी, वहीं दिल्ली परिवहन निगम भी अपनी नई बसों को पूरी तरह ईवी बनाएगा। इसके अलावा, 2026 से डिलीवरी और फ्लीट कंपनियों को पेट्रोल-डीजल वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा, जिसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग एक विशेष ईवी सेल भी स्थापित करेगा। यह नीति राजधानी को प्रदूषण मुक्त और आधुनिक परिवहन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास है।

Keywords: Delhi EV Policy 2026, Electric Vehicle Policy India, EV Subsidy Delhi, Electric Mobility Delhi

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