Pawai Hostage Case: मुंबई में गुरुवार को हुए चौंकाने वाले ‘बंधक कांड’ में एक नया खुलासा सामने आया है। मराठी फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस रुचिता जाधव ने बताया कि आरोपी रोहित आर्य ने उन्हें अपनी फिल्म के लिए कुछ दिन पहले मिलने के लिए बुलाया था। रुचिता ने कहा कि उस दिन को सोचकर वह अब भी डर जाती हैं। उन्होंने आरोपी के साथ हुई वाट्सऐप चैट का स्क्रीनशॉट भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया।
फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर बुलावा
टीवी एक्ट्रेस रुचिता जाधव ने सोशल मीडिया पर बताया कि कुछ दिन पहले उन्हें एक अजनबी ने मैसेज किया था। उसने खुद को फिल्ममेकर बताया और कहा कि वह “बंधक पर आधारित फिल्म” बना रहा है और रुचिता को उसमें कास्ट करना चाहता है। शुरुआत में बातचीत सामान्य लगी, लेकिन बाद में उसने बार-बार मिलने का दबाव डालना शुरू कर दिया। रुचिता के अनुसार, आरोपी ने 27 या 28 अक्टूबर को पवई के एक स्टूडियो में मीटिंग तय करने की बात कही थी और लोकेशन भी भेजी। पारिवारिक कारणों से वह मीटिंग पर नहीं जा सकीं, और यह वही दिन था जब आरोपी ने वहां बंधक बना लिया। रुचिता ने लिखा, “अगर मैं वहां गई होती, तो शायद अब मैं जिंदा नहीं होती।”

पवई का सनसनीखेज होस्टेज केस
30 अक्टूबर की शाम मुंबई के पवई इलाके में हड़कंप मच गया। उसी स्टूडियो में, जहां आरोपी ने रुचिता जाधव को मिलने के लिए बुलाया था, उसने 17 बच्चों, दो महिलाओं और एक बुजुर्ग को बंधक बना लिया। आरोपी ने खुद को ‘सामाजिक कार्यकर्ता’ और ‘निर्माता’ बताया, लेकिन असल में मानसिक तनाव और गुस्से में यह कदम उठाया। पुलिस और क्विक रिस्पॉन्स टीम ने घंटों तक ऑपरेशन चलाया। मुठभेड़ में आरोपी को मार गिराया गया और सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना ने एंटरटेनमेंट सेक्टर और समाज को झकझोर दिया, खासकर इसलिए कि आरोपी ने खुद को फिल्म डायरेक्टर बताकर लोगों से संपर्क किया था।
कौन था रोहित आर्य?
जांच में पता चला है कि आरोपी रोहित आर्य फिल्म और सामाजिक प्रोजेक्ट से जुड़ा था। वह दावा करता था कि उसने महाराष्ट्र सरकार की मुहिम “माझी शाला, सुंदर शाला” की आइडिया दी थी, लेकिन उसे क्रेडिट नहीं मिला, जिससे वह नाराज और निराश था। सूत्रों के मुताबिक, वह लगातार मानसिक तनाव में था और अपने फिल्म प्रोजेक्ट “Let’s Change” के लिए कई लोगों से संपर्क कर रहा था। संभव है कि रुचिता जाधव को बुलाना उसी फिल्म की कहानी का बहाना था। यह जानकारी अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि आरोपी की योजना और मकसद स्पष्ट किया जा सके।
सावधानी का संदेश
रुचिता जाधव ने घटना के बाद कहा कि मनोरंजन जगत में अक्सर नए प्रोजेक्ट्स के बहाने लोग संपर्क करते हैं, लेकिन अब हर कलाकार को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी मीटिंग से पहले व्यक्ति की पहचान, बैकग्रॉउंड और इंटेंशन की जांच जरूरी है। यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी भी है कि डिजिटल युग में हर संपर्क सुरक्षित नहीं होता। पवई कांड ने यह सिखाया कि कभी-कभी एक रद्द की गई मीटिंग भी जान बचा सकती है। रुचिता का अनुभव युवाओं के लिए सबक है, सतर्क रहना ही सुरक्षा है।
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