- Advertisement -

Bihar Election 2025: जाले विधानसभा सीट पर फिर रोमांचक मुकाबला, मिथिला के ग्रामीण रण में कांटे की टक्कर

दरभंगा का ग्रामीण जाले विधानसभा क्षेत्र मधुबनी लोकसभा का हिस्सा है। 2020 में बीजेपी के जीवेश मिश्रा ने कांग्रेस के मस्कूर अहमद उस्मानी को हराया था। फिर से सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

3 Min Read

Bihar Election 2025: दरभंगा जिले की जाले सीट एक बार फिर राजनीतिक हलचल का केंद्र बनी हुई है। यह क्षेत्र मधुबनी लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है और उत्तर-मध्य मिथिला का पूर्णतः ग्रामीण इलाका है। जाले विधानसभा क्षेत्र जाले प्रखंड के सभी पंचायतों और सिंहवाड़ा प्रखंड के 25 ग्राम पंचायतों से मिलकर बना है। 1951 में स्थापित इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 18 बार चुनाव हो चुके हैं। जिसमें 2014 का उपचुनाव शामिल है। यहां के मतदाताओं ने कभी किसी एक दल को लगातार समर्थन नहीं दिया है। वाम, केंद्र और दक्षिणपंथी विचारधाराओं के प्रत्याशियों को अलग-अलग समय पर चुनकर इस क्षेत्र ने राजनीतिक संतुलन बनाए रखा है।

- Advertisement -
Ad image

इस बार जाले में दूसरे चरण में 6 नवंबर को मतदान होगा और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।

राजनीतिक इतिहास

कांग्रेस ने शुरुआती तीन चुनावों में जीत दर्ज की थी और 1985 और 1990 में वापसी की। बीजेपी ने अब तक 5 बार, भाकपा ने 4 बार, RJD ने 2 बार, जबकि जनता पार्टी और JDU ने एक-एक बार जीत दर्ज की है।

- Advertisement -
Ad image

पूर्व केंद्रीय मंत्री लालित नारायण मिश्र के पुत्र विजय कुमार मिश्र ने 3 बार (एक बार कांग्रेस, दो बार BJP) जाले से जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने 2014 में JDU में शामिल होकर उपचुनाव कराया, जिसमें उनके पुत्र ऋषि मिश्र ने JDU उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की।

वर्ष 2015 से बीजेपी के जीवेश मिश्रा यहां विधायक हैं। 2020 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मस्कूर अहमद उस्मानी को 21,796 मतों से हराया था।

मतदाता प्रोफाइल

2020 में जाले विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 12 हजार 393 रजिस्टर्ड मतदाता थे, जिनमें 36,987 (11.84%) अनुसूचित जाति और 90,593 (29%) मुस्लिम मतदाता थे। 2024 तक मतदाता संख्या बढ़कर 3 लाख 23 हजार 092 हो गई। अब तक इस सीट से 6 मुस्लिम उम्मीदवार विधायक बन चुके हैं। 2020 में मतदान प्रतिशत 54.14% रहा, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है।

2024 के लोकसभा चुनाव में, जाले विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी को 24,067 वोटों की बढ़त मिली थी। अब देखना है कि इस बार विपक्षी गठबंधन यह अंतर कम कर पाता है या नहीं।

भौगोलिक और सामाजिक परिप्रेक्ष्य

जाले पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र है। अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है, जिसमें धान प्रमुख फसल है। बागमती नदी की बाढ़ हर साल कई इलाकों को प्रभावित करती है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, और रोजगार के लिए लोगों को शहरों का रुख करना पड़ता है।

Keywords: Bihar Assembly Election 2025, Jale Assembly Constituency, Darbhanga Election News, BJP Vs Congress Bihar, Mithila Politics 2025

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू