लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 6 मजारों को जांच समिति ने अवैध और लावारिस माना है। समिति के अनुसार कई बार नोटिस जारी करने और सुनवाई का मौका देने के बावजूद कोई अधिकृत व्यक्ति या संस्था सामने नहीं आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन निर्माणों की वजह से अस्पताल आने वाले मरीजों और लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
आरजी कर घटना के बाद KGMU परिसर की सुरक्षा जांच तेज
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त 2024 में हुई महिला डॉक्टर की रेप और हत्या की घटना के बाद अस्पताल परिसरों की सुरक्षा को लेकर जांच शुरू की गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद KGMU प्रशासन ने भी पूरे कैंपस का निरीक्षण कराया। इसी दौरान परिसर में बनी कई मजारों और अन्य निर्माणों की पहचान की गई, ताकि अस्पताल परिसर को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
KGMU परिसर में मिलीं 8 मजारें, सुरक्षा और आवागमन पर उठे सवाल
जांच के दौरान KGMU कैंपस में कुल 8 मजारों की पहचान हुई, जिनमें से 6 का कोई अधिकृत दावेदार सामने नहीं आया। रिपोर्ट में कहा गया कि कई संरचनाएं हाल के समय में पक्के निर्माण के रूप में तैयार की गई थीं। ये जगहें अस्पताल के रास्तों के बीच होने के कारण मरीजों, खासकर गंभीर हालत में आने वालों की आवाजाही प्रभावित कर रही थीं। निरीक्षण के दौरान कुछ गतिविधियों को सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक माना गया।
कई नोटिस और सुनवाई के बाद भी नहीं मिला कोई जिम्मेदार पक्ष
जांच समिति ने नियमों के तहत कई बार नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों को सामने आने का मौका दिया। जनवरी और फरवरी 2026 में भेजे गए नोटिसों के बावजूद ज्यादातर मामलों में कोई जवाब नहीं मिला। एक मजार की तरफ से वकील का जवाब जरूर आया, लेकिन उसमें किसी अधिकृत समिति या संचालक की जानकारी नहीं थी। अप्रैल 2026 में रखी गई व्यक्तिगत सुनवाई में भी विश्वविद्यालय अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन किसी भी मजार का प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ।
जांच रिपोर्ट में मजारों को हटाने और शिफ्ट करने की सिफारिश
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि संबंधित मजारों का कोई अधिकृत संचालक या मान्यता प्राप्त समिति सामने नहीं आई, इसलिए इन्हें अवैध अतिक्रमण माना गया है। समिति ने सुझाव दिया है कि कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए इन संरचनाओं को किसी दूसरी उपयुक्त जगह स्थानांतरित किया जाए। साथ ही पुराने और नए स्थान पर जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने और पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन व पुलिस की मदद लेने की भी सिफारिश की गई है।
बीजेपी नेता ने CM योगी से की थी कार्रवाई की मांग
बीजेपी नेता अभिजित मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर KGMU परिसर में बने कथित अवैध ढांचों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी।उन्होंने कहा था कि सरकारी परिसर में बने ऐसे ढांचे संस्थान की सुरक्षा, व्यवस्था और सुचारु संचालन पर असर डाल सकते हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि KGMU में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज, छात्र और डॉक्टर आते हैं, इसलिए परिसर का सुरक्षित और व्यवस्थित रहना बेहद जरूरी है।
अवैध ढांचों को लेकर बीजेपी नेता ने उठाए कई सवाल
अभिजित मिश्रा ने दावा किया था कि अप्रैल 2025 में चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में जमीन खाली कराई गई, लेकिन कुछ विवादित निर्माण अब भी परिसर में मौजूद हैं। उन्होंने कुछ मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए प्रशासन से पूरे मुद्दे पर सख्त कदम उठाने का आग्रह किया था। साथ ही मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया था कि शेष अवैध ढांचों को हटाने और मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई जाए।
Keywords: KGMU Mazar Controversy, Lucknow KGMU Encroachment Case, KGMU Illegal Structures

