Petrol Diesel Price Hike: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पिछले 10 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है, जिससे आम लोगों और कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
CTI ने राज्यों से भी टैक्स राहत की मांग की
बृजेश गोयल ने अपने पत्र में कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार के तहत आती है, जबकि VAT राज्यों के अधिकार क्षेत्र में है। ऐसे में ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत देने के लिए केवल केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्यों को भी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में बीजेपी या एनडीए की सरकारें हैं, इसलिए इस मुद्दे पर मिलकर राहत दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर अगले तीन महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात सामान्य हो जाते हैं, तो राज्य सरकारें अपने VAT दरों की दोबारा समीक्षा कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर बदलाव भी कर सकती हैं।
राज्यों में टैक्स दरों में बड़ा अंतर
CTI ने अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले VAT के आंकड़े जारी किए हैं। तेलंगाना में 35.20% VAT, आंध्र प्रदेश में 31% VAT के साथ अतिरिक्त टैक्स और दिल्ली में 19.40% VAT लगाया जाता है। वहीं अंडमान-निकोबार में सिर्फ 1% VAT होने की वजह से ईंधन सस्ता मिलता है। संगठन के मुताबिक दिल्ली में बेस प्राइस कम होने के बावजूद टैक्स जुड़ने से अंतिम कीमत काफी बढ़ जाती है, जिसमें पेट्रोल पर कुल टैक्स 40-50% और डीजल पर 30-35% तक पहुंच जाता है।
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