Sansad Ratna Award 2026: इस साल संसद रत्न पुरस्कारों के लिए 12 सांसदों और चार संसदीय समितियों का चयन किया गया है। निजी संगठन ‘प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन’ के अनुसार, बीजेपी के जगदंबिका पाल (उत्तर प्रदेश), पीपी चौधरी (राजस्थान), निशिकांत दुबे (झारखंड) और शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे (महाराष्ट्र) को व्यक्तिगत श्रेणी में सम्मान के लिए चुना गया है। यह सूची हाल ही में जारी की गई है।
संसद रत्न पुरस्कार के लिए कई सांसदों का चयन
प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन के बयान के अनुसार इस साल प्रवीण पटेल (उत्तर प्रदेश), विद्युत बरन महतो (झारखंड), लुम्बाराम चौधरी (राजस्थान), हेमंत विष्णु सवरा, स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हस्के, मेधा विश्राम कुलकर्णी (महाराष्ट्र) और नरहरि अमीन (गुजरात) को सम्मान के लिए चुना गया है। इन्हें बजट सत्र के दौरान संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
चार संसदीय समितियों को भी मिलेगा सम्मान
इस साल चार संसदीय समितियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए संसद रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया है। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता वाली कृषि समिति, भर्तृहरि महताब की वित्त समिति, सप्तगिरि शंकर उलाका की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज समिति और अनुराग ठाकुर की कोयला एवं खान समिति शामिल हैं। इन समितियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।
इस साल सम्मान के लिए चुने गए लोगों में कई अनुभवी और प्रमुख राजनेता शामिल हैं, जिन्होंने लंबे समय तक शासन व्यवस्था में काम किया है। सूची में शामिल जगदंबिका पाल और चरणजीत सिंह चन्नी पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वहीं गुजरात के नरहरि अमीन भी पूर्व उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
2010 में शुरू हुआ था संसद रत्न पुरस्कार
संसद रत्न पुरस्कार की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। यह उन सांसदों को दिया जाता है जो संसद में सक्रिय रहते हैं और पारदर्शिता, जवाबदेही व लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। इसका उद्देश्य सांसदों को प्रोत्साहित करना और संसदीय कार्यवाही को जनता के बीच लोकप्रिय बनाना है। यह सम्मान संसद में भागीदारी, प्रश्न पूछने, बहस और विधायी कार्यों में योगदान के आधार पर प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है।
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