अफ्रीका के कई देशों में इबोला संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे दुनियाभर में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, भारत में अभी तक बूंदीबुग्यो स्ट्रेन इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। एहतियात के तौर पर केंद्र सरकार ने लोगों को कांगो, युगांडा और साउथ सूडान की गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है। साथ ही, इन देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने, स्थानीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन करने और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने को कहा गया है।
WHO ने बढ़ाई वैश्विक चिंता
World Health Organization ने कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला संक्रमण को गंभीर स्वास्थ्य खतरा मानते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी किया है। वहीं, अफ्रीका CDC ने भी इसे पूरे महाद्वीप के लिए चिंता का विषय बताया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी देशों को एयरपोर्ट और सीमा क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने की सलाह दी है। खासकर इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की जांच और स्वास्थ्य लक्षणों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
WHO Declares Ebola Outbreak a Public Health Emergency of International Concern; Africa CDC Declares Public Health Emergency of Continental Security. Government of India Advises Citizens to Avoid Non-Essential Travel to Democratic Republic of the Congo, Uganda and South Sudan.
— ANI (@ANI) May 24, 2026
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इबोला को लेकर बढ़ी सतर्कता
स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों को इबोला प्रभावित इलाकों की यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि कांगो और युगांडा से सटे देशों, खासकर साउथ सूडान में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है। इबोला एक बेहद खतरनाक वायरस है, जिसमें तेज बुखार, कमजोरी और शरीर के अंदर ब्लीडिंग जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इस बार संक्रमण बूंदीबुग्यो स्ट्रेन से फैल रहा है, जिसके लिए अभी तक कोई आधिकारिक वैक्सीन या खास इलाज उपलब्ध नहीं है।
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