उज्जैन से भोपाल तक फूलों से सजी कई एसयूवी गाड़ियों का लंबा काफिला आम बात लग सकती थी, लेकिन समय को लेकर यह चर्चा में आ गया। मध्य प्रदेश में एक बीजेपी नेता लगभग 50 वाहनों के काफिले के साथ पदभार संभालने पहुंचे, जिससे सवाल खड़े हो गए। यह घटना ऐसे समय हुई है जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान युद्ध के कारण तेल संकट की आशंका के बीच ईंधन बचाने की अपील की थी।
काफिले के कारण हाईवे पर ट्रैफिक बाधित, यात्रियों को हुई परेशानी
मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के नए अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर पदभार ग्रहण करने के लिए उज्जैन से भोपाल रवाना हुए, जहां उनके साथ कई एसयूवी और समर्थकों के वाहन भी शामिल थे। इस पूरे काफिले का वीडियो सामने आया है, जिसमें हाईवे पर लंबी गाड़ियों की कतार दिखाई दे रही है। जगह-जगह समर्थकों द्वारा उनका स्वागत करने के लिए काफिले को रोका गया, जिससे कई स्थानों पर यातायात बाधित हो गया और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीएम मोदी की ईंधन बचत अपील के बाद बढ़ी चर्चा
ये तस्वीरें इसलिए चर्चा में आ गईं क्योंकि ये ऐसे समय सामने आईं जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ दो दिन पहले ही लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने पश्चिम एशिया के हालात और उससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का हवाला दिया था। रविवार को तेलंगाना में एक बीजेपी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अनावश्यक ईंधन उपयोग कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, मेट्रो का इस्तेमाल करने, कारपूलिंग बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने की सलाह दी थी।
ईंधन बचत अपील पर उठे सवाल, पार्टी नेताओं के व्यवहार पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा था कि कोविड-19 के दौरान लोग वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीकों के आदी हो गए थे, जिन्हें फिर से अपनाने की जरूरत है। उन्होंने आर्थिक अनुशासन और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर देते हुए गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं और फिजूल खर्च, जैसे सोना खरीदने, को टालने की सलाह भी दी थी। साथ ही स्वदेशी उत्पादों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही थी। हालांकि, बीजेपी नेता के बड़े काफिले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और संयम की अपील का पालन उनकी ही पार्टी के नेता कर रहे हैं या नहीं।
ईंधन मुद्दे पर सियासी घमासान, कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग
यह मामला अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है, जहां कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की अपील को सरकार की विफलता बताया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने जनता से त्याग की अपील की, जो किसी सलाह से ज्यादा सरकार की असफलता को दर्शाता है, क्योंकि जिम्मेदारी लोगों पर डाली जा रही है। इसके जवाब में बीजेपी ने कांग्रेस पर वैश्विक संकट के समय राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि वह राष्ट्रीय आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा को नहीं समझती। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत अपनी लगभग 85 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, और सरकार की अपील देश को वैश्विक आर्थिक झटकों से बचाने के लिए है।
BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष बने।
— Congress (@INCIndia) May 12, 2026
फिर क्या.. भौकाल जमाने के लिए सौभाग्य सिंह ने उज्जैन से भोपाल तक गाड़ियों का लंबा काफिला निकाल दिया।
एक तरफ नरेंद्र मोदी देश को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने का ज्ञान देते हैं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के… pic.twitter.com/n0KKnnZJz7
बीजेपी का बचाव, प्रधानमंत्री की अपील को बताया जिम्मेदारी भरा कदम
बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो भी कहा, वह सरकार का कर्तव्य है और इसे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जारी की जाने वाली सावधानियों जैसा माना जा सकता है। वहीं बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी पीएम मोदी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने केवल लोगों से राष्ट्रीय हित में सोच-समझकर फैसले लेने और ऊर्जा बचत व आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की अपील की है।
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