NCRB की “क्राइम इन India 2024” रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की तस्वीर एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में महिलाओं के खिलाफ कुल 4,41,534 मामले दर्ज किए गए। हालांकि 2023 की तुलना में मामलों में मामूली कमी दर्ज हुई है, लेकिन अपराध की प्रकृति अब भी बेहद गंभीर मानी जा रही है।
रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और पति या रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ना से जुड़े रहे। ऐसे 1,20,227 केस दर्ज किए गए, जो कुल मामलों का बड़ा हिस्सा हैं। इससे साफ होता है कि महिलाओं की सुरक्षा का सबसे बड़ा खतरा कई बार उनके अपने घरों के भीतर ही मौजूद है। इसके अलावा महिलाओं के अपहरण के 67 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जबकि छेड़छाड़ और उत्पीड़न की घटनाएं भी बड़ी संख्या में सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों और निजी जीवन दोनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार चुनौती बने हुए हैं।
रेप और घरेलू हिंसा के मामलों ने बढ़ाई चिंता
NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में देशभर में बलात्कार के 29 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में POCSO एक्ट के तहत दर्ज केसों की संख्या भी काफी रही। वहीं महानगरों में महिलाओं के खिलाफ 50 हजार से अधिक मामले सामने आए, जिनमें घरेलू हिंसा, अपहरण और यौन अपराध प्रमुख रहे। रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला कि महिलाओं के खिलाफ जबरन शादी, मानव तस्करी और शोषण जैसी घटनाएं लगातार गंभीर सामाजिक चुनौती बनती जा रही हैं।
ज्यादातर मामलों में पहचान वाले ही बने आरोपी
NCRB की “Crime in India 2024” रिपोर्ट में रेप मामलों को लेकर एक अहम और चिंताजनक तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर मामलों में आरोपी कोई अनजान व्यक्ति नहीं बल्कि पीड़िता का परिचित होता है। आंकड़ों में बताया गया है कि रेप के मामलों में दोस्त, पड़ोसी, रिश्तेदार, परिवार से जुड़े लोग और शादी का झांसा देने वाले आरोपी बड़ी संख्या में शामिल रहे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सोशल मीडिया या ऑनलाइन पहचान के जरिए बने रिश्तों से जुड़े अपराध भी बढ़ रहे हैं। यानी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ यौन अपराधों में सबसे बड़ा खतरा अक्सर पहचान वाले लोगों से ही देखने को मिलता है।
इसके अलावा NCRB रिपोर्ट में घरेलू हिंसा, अपहरण और अन्य यौन अपराधों के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साल 2024 में देशभर में रेप के 29,536 मामले दर्ज हुए, जिसने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी
NCRB की “Crime in India 2024” रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भी गंभीर तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में देशभर में बच्चों के खिलाफ 1.87 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में करीब 5.9 फीसदी अधिक हैं। सबसे ज्यादा मामले बच्चों के अपहरण और अगवा करने से जुड़े रहे। रिपोर्ट बताती है कि कुल मामलों में लगभग 40 फीसदी केस केवल किडनैपिंग और एबडक्शन के थे। इसके अलावा POCSO एक्ट के तहत भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए, जो बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं। रिपोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि बच्चों की सुरक्षा देश के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
लापता बच्चों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में देशभर से 98 हजार से ज्यादा बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए। इनमें बड़ी संख्या लड़कियों की रही, जिनकी संख्या 75 हजार से अधिक बताई गई है। पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा करीब 7.8 फीसदी बढ़ा है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी ऑनलाइन पहचान के जरिए बच्चों को बहलाने-फुसलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मामलों में मानव तस्करी और यौन शोषण से जुड़े गिरोहों की भूमिका भी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में मानव तस्करी के 2,135 मामले दर्ज किए गए, जबकि 6 हजार से ज्यादा लोग ट्रैफिकिंग का शिकार बने। NCRB ने यह भी बताया कि महानगरों में बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जो कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करते हैं।
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