मुंबई: महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis (देवेंद्र फडणवीस) ने मुंबई-पुणे द्रुतगति मार्ग के लंबे समय से लंबित ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में शामिल इस मार्ग की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है और यह नया मार्ग आज से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।
कई वर्षों से इस मार्ग के बोरघाट खंड में संकरी सड़कें, तीखे मोड़, ढलान और खराब मौसम के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। व्यस्त समय में यहां जाम दो घंटे तक लग जाता था। अब ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के तहत खोपोली और कुसगांव के बीच एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया है, जिससे इस कठिन हिस्से को पूरी तरह दरकिनार किया जा सकेगा।
मिसिंग लिंक परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
- लगभग 19 किलोमीटर लंबा नया मार्ग
- कुल दूरी में करीब 6 किलोमीटर की कमी
- यात्रा समय में 20 से 30 मिनट तक की बचत
- आधुनिक सुरंगों और ऊंचे पुलों का निर्माण
- टाइगर वैली के ऊपर केबल आधारित विशेष पुल
- खतरनाक मोड़ों और भारी वर्षा वाले क्षेत्र से राहत
इस परियोजना के शुरू होने से अब यात्रियों को अधिक सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। नए मार्ग पर यातायात का प्रवाह बेहतर रहेगा, जिससे यात्रा कम समय में और बिना बाधा के पूरी की जा सकेगी। पहले घाट क्षेत्र में जाम के कारण ईंधन की खपत अधिक होती थी, लेकिन अब यातायात सुचारू होने से ईंधन की बचत होगी और वाहनों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस नए मार्ग के उपयोग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रारंभिक छह महीनों तक इस मार्ग पर केवल हल्के वाहन और बसों को ही अनुमति दी जाएगी, जबकि भारी वाहन पुराने घाट मार्ग का ही उपयोग करेंगे। कुल मिलाकर, ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना ने मुंबई और पुणे के बीच यात्रा को अधिक भरोसेमंद, तेज और सुरक्षित बना दिया है।
Keywords: Mumbai Pune Expressway Missing Link, Devendra Fadnavis Drive, Missing Link Inauguration, Mumbai Pune Travel Time Reduced

