US Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने और सीजफायर को लेकर अनिश्चितता के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, तेहरान ने सख्त कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। ईरान की आईआरजीसी ने कहा है कि उनकी नौसेना ने नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की। AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना आज सुबह हुई। पकड़े गए जहाजों में एक ऐसा भी है जो गुजरात की ओर जा रहा था।
होर्मुज में तनाव बढ़ा, दो जहाजों की जब्ती से चिंता गहराई
ईरान की कार्रवाई के बाद जब्त किए गए दोनों जहाजों की पहचान सामने आई है। आईआरजीसी ने जिन जहाजों को रोका है, वे MSC-FRANCESCA और EPAMINONDAS बताए जा रहे हैं। Marine Traffic के अनुसार, EPAMINONDAS दुबई के जबेल अली पोर्ट से निकलकर गुजरात, भारत की ओर जा रहा था। इस घटना से क्षेत्रीय व्यापार मार्गों और भारत से जुड़े समुद्री रूट को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल और व्यापार आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में इन जहाजों की जब्ती से वैश्विक शिपिंग, ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा पर असर की आशंका जताई जा रही है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कूटनीतिक तनाव अब समुद्री रास्तों तक पहुंच गया है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महसूस किया जा सकता है।
यूएस-ईरान तनाव और गहराया, होर्मुज में बढ़ी हलचल
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत ठप होने के बाद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर आगे न बढ़ाने के फैसले से हालात और संवेदनशील हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्ते में इस तरह की घटनाएं वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
इसी बीच रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में दो कंटेनर जहाजों पर कार्रवाई की, जिसमें एक जहाज को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 7:55 बजे हुई। बताया गया है कि यह हमला तेल व्यापार के लिए अहम समुद्री रूट पर हुआ, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।
होर्मुज में जहाज पर फायरिंग, चेतावनी को लेकर विरोधाभासी दावे
UKMTO के मुताबिक ईरान की गनबोट ने लाइबेरिया के झंडे वाले एक जहाज पर बिना किसी चेतावनी के गोलीबारी की। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचा। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड टेक ने बताया कि जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दी गई थी।
वहीं ईरान की सरकारी मीडिया ने अलग दावा किया है। नूर न्यूज़ के अनुसार, जहाज ने पहले दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कार्रवाई की। लेकिन UKMTO का कहना है कि गोलीबारी से पहले ईरानी नाव की ओर से कोई संपर्क या चेतावनी नहीं दी गई थी, जिससे दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास सामने आ रहा है।
होर्मुज में नया टकराव, अमेरिका-ईरान आमने-सामने की स्थिति
दूसरी घटना में एक मालवाहक जहाज ने बताया कि उस पर गोलीबारी की गई और उसे समुद्र में रोक दिया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज को किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। इस बीच अमेरिका भी होर्मुज क्षेत्र में सक्रिय दिख रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना पहले एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त कर चुकी है और हिंद महासागर में ईरान से जुड़े एक तेल टैंकर पर भी कार्रवाई कर उसे अपने नियंत्रण में लिया गया था। इससे साफ है कि इस समुद्री मार्ग में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
Keywords: US Iran Tensions, Strait Of Hormuz Crisis, Global Oil Supply Disruption

