नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुदन गुरुंग ने पद संभालने के कुछ ही समय बाद अपने गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों और संपत्ति से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में गुरुंग ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है, इसलिए उन्होंने पद छोड़ना उचित समझा।
जनता की चिंताओं को प्राथमिकता दी गई
गुरुंग ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पूरी ईमानदारी से जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन हाल में उनकी संपत्तियों को लेकर उठे सवालों और आलोचनाओं को उन्होंने गंभीरता से लिया और उसी के आधार पर इस्तीफा देने का निर्णय किया।
पद से ऊपर रखी नैतिकता
उन्होंने साफ कहा कि किसी भी सरकारी पद से ज्यादा महत्वपूर्ण नैतिक मूल्यों और जनता का भरोसा होता है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में साफ-सुथरी छवि और जवाबदेही जरूरी है।
जवाबदेही पर दिया जोर
गुरुंग ने कहा कि जब सरकार या किसी पद पर बैठे व्यक्ति पर सवाल उठते हैं, तो जवाबदेही तय होना जरूरी हो जाता है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी शर्त बताया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले बालेन शाह की सरकार में 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में पद से हटाया जा चुका है। सरकार की ओर से यह कदम आचार संहिता के उल्लंघन के चलते उठाया गया था।
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