- Advertisement -

‘नागरिक देवो भव’ को बनाएं हर निर्णय की नींव, पीएम मोदी ने एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों को लिखा पत्र

पीएम मोदी ने देशभर के एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे हर फैसले में ‘नागरिक देवो भव’ की भावना को अपनाएं और लोगों की सेवा को प्राथमिकता दें।

2 Min Read

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के एक करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को पत्र लिखकर उन्हें नागरिकों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ‘नागरिक देवो भव’ की भावना के साथ काम करना चाहिए और हर फैसला इसी सोच से लिया जाना चाहिए। पीएम ने यह भी जोर दिया कि शासन में संवेदनशीलता जरूरी है और लोक सेवकों को हमेशा सीखते रहने वाला उदाहरण बनना चाहिए।

- Advertisement -
Ad image

कई भाषाओं में जारी हुआ संदेश

सिविल सेवा दिवस से पहले 20 अप्रैल को लिखे गए इस पत्र को 12 अलग-अलग भाषाओं में साझा किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी चुनौतियों के साथ नए अवसर भी लेकर आई है, जहां तकनीक और बदलाव तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों और पूरी दुनिया की भारत से अपेक्षाएं बढ़ रही हैं, इसलिए जिम्मेदारी भी उतनी ही अहम हो गई है।

आजीवन सीखने पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि बदलते दौर के साथ सरकार की कार्यशैली और सेवाओं में भी सुधार जरूरी है, ताकि नए अवसरों का पूरा लाभ लिया जा सके। उन्होंने ‘आईगॉट कर्मयोगी’ जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार सीखते रहने की अहमियत बताई। पीएम ने कहा कि जब लोक सेवक खुद को बेहतर बनाते हैं, तभी देश भी आगे बढ़ता है।

- Advertisement -
Ad image

‘कर्मयोगी’ कहकर दिया खास संदेश

प्रधानमंत्री ने सिविल सेवकों को ‘कर्मयोगी’ कहते हुए उन्हें खास समय पर पत्र लिखा, जब देशभर में कई त्योहारों की रौनक है। उन्होंने कहा कि यह समय नई उम्मीदों और शुरुआत का प्रतीक है। पीएम ने ‘साधना सप्ताह’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल देशभर के लोक सेवकों को जोड़ने और सीखने का बेहतरीन अवसर है, और इसमें शामिल होने पर सभी को शुभकामनाएं दीं।

Keywords: PM Modi Letter To Civil Servants, Civil Services Day, IGOT Karmayogi Platform India

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू