इस्लामाबाद: ईरान ने सोमवार को संकेत दिया कि वह अमेरिका के साथ नई वार्ता के लिए अपने प्रतिनिधि पाकिस्तान नहीं भेजेगा, जिससे प्रस्तावित बातचीत पर अनिश्चितता बढ़ गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सीजफायर की समयसीमा खत्म होने में दो दिन से भी कम समय बचा है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने समझौते की शुरुआत से ही उल्लंघन किया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और हाल ही में ईरानी कंटेनर जहाज को कब्जे में लेने की घटना को युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया।
ईरान की चेतावनी, नई आक्रामकता पर कड़ा जवाब
ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका या इजराइल की ओर से कोई नई कार्रवाई होती है, तो उसकी सेना उसका जवाब देने के लिए तैयार है। साथ ही तेहरान ने दोहराया कि उसकी 10 सूत्रीय योजना ही किसी भी बातचीत का आधार होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपनी पिछली गलतियों से नहीं सीख रहा है, जिसका परिणाम अच्छा नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन उल्लंघनों की जानकारी पाकिस्तान को, जो इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, दे दी गई है।
बातचीत की उम्मीद बरकरार, लेकिन हालात तनावपूर्ण
पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि वे अब भी उम्मीद कर रहे हैं कि दोनों पक्षों को फिर से बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है। इस उद्देश्य से इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। हालांकि, हाल के बढ़ते तनाव ने इन प्रयासों पर अनिश्चितता पैदा कर दी है। पहले दौर की तरह केवल एक बैठक के बजाय, इस बार कई दिनों तक बातचीत कराने की योजना है, ताकि एक अस्थायी समझौता किया जा सके। यदि यह समझौता हो जाता है, तो सीजफायर को आगे बढ़ाया जा सकता है और स्थायी शांति समझौते के लिए अधिक समय मिल सकेगा।
तनाव चरम पर, बातचीत पर छाया अनिश्चितता का साया
बीते 24 घंटों में तेजी से बढ़े तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल किसी बातचीत में शामिल नहीं होगा, जिससे वार्ता की संभावनाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि पाकिस्तान पहुंचकर दूसरे दौर की बातचीत करेंगे, जबकि सीजफायर की समयसीमा भी करीब आ रही है। हालांकि, उन्होंने साथ ही ईरान पर सख्त चेतावनी देते हुए ऊर्जा और बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकी भी दोहराई।
ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमला कर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। वहीं सोमवार तड़के अमेरिकी नौसेना ने USS Spruance के जरिए ओमान की खाड़ी में एक ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज को रोक लिया। ट्रंप के मुताबिक, चेतावनी न मानने पर जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया गया और अब वह अमेरिकी नियंत्रण में है। ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया है।
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