टोक्योः जापान में आयोजित AZEC Plus बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट और व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किए जा सकते। जयशंकर ने ऊर्जा बाजारों की सप्लाई चेन प्रभावित होने पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बैठक से जुड़ी तस्वीरें अपने एक्स अकाउंट पर भी साझा कीं।
जयशंकर ने सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा पर जताई सख्त राय
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने पोस्ट में बताया कि उन्होंने जापान द्वारा आयोजित AZEC Plus बैठक में हिस्सा लिया, जहां ऊर्जा बाजारों की सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई। भारत ने सुरक्षित और निर्बाध समुद्री मार्गों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह गलत और अस्वीकार्य हैं। वैश्विक विकास के लिए ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। भारत एक प्रमुख ऊर्जा उपभोक्ता देश के रूप में साझेदार देशों के साथ मिलकर सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।
Participated in the ‘AZEC Plus’ meeting convened by Japan to discuss supply chain disruptions in the energy markets.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 15, 2026
Underlined India’s strong commitment to safe and unimpeded transit passage of maritime shipping. Attacks on merchant shipping are completely unacceptable. Global… pic.twitter.com/wsiQokYU5e
होर्मुज संकट से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले डेढ़ महीने से जहाजों की आवाजाही प्रभावित है। इससे दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है और यूरोप से लेकर एशिया तक बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है, जिससे माल ढुलाई महंगी हो गई है। इसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ा है। ऐसे समय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बयान अहम माना जा रहा है।
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