केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी कर 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की सप्लाई और वितरण को प्राथमिकता देने को कहा है। यह कदम खासकर प्रवासी मजदूरों, छात्रों और दिहाड़ी कामगारों की सुविधा के लिए उठाया गया है, जिनके पास स्थायी पता या जरूरी दस्तावेज नहीं होते। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि इन सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता अब पहले से दोगुनी कर दी गई है, ताकि जरूरतमंदों को आसानी से गैस मिल सके।
प्रवासी मजदूरों के लिए गैस सप्लाई में बड़ा बदलाव
केंद्र ने 5 किलो FTL सिलेंडर को लेकर नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें इनकी रोजाना सप्लाई को पहले से दोगुना कर दिया गया है। यह फैसला मार्च 2026 में प्रवासी मजदूरों को दी गई औसत आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी पहले तय 20% सीमा से भी ज्यादा है। अतिरिक्त सिलेंडरों का पूरा नियंत्रण राज्य सरकारों के पास रहेगा और इन्हें केवल प्रवासी मजदूरों तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके वितरण में तेल कंपनियां राज्य सरकारों की मदद करेंगी।
ईंधन संकट के बीच जरूरतमंदों को राहत
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन सप्लाई पर असर की आशंका को देखते हुए सरकार ने खास कदम उठाया है। इसका मकसद प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी कामगारों और बिना पक्के पते वाले लोगों को आसानी से खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें 5 किलो LPG सिलेंडर लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।
बिना पते के भी मिल सकेगा सिलेंडर
5 किलो FTL सिलेंडर बाजार कीमत पर मिलेंगे और इन्हें लेने के लिए स्थायी पते की जरूरत नहीं होगी। केवल आधार या वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र के जरिए नजदीकी गैस एजेंसी से इन्हें खरीदा जा सकेगा। यह कदम खासकर प्रवासी मजदूरों के लिए राहत भरा है। साथ ही, राज्यों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वितरण पारदर्शी हो और किसी तरह की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल न हो।
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