- Advertisement -

एक्शन के बाद बोले राघव चड्ढा – ‘खामोशी मेरी ताकत है’, AAP पर साधा निशाना

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, AAP का नाम लिए बिना लेकिन सटीक निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खामोश कराया गया है।

5 Min Read

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ते हुए, आम आदमी पार्टी का नाम लिए बिना लेकिन सटीक निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खामोश कराया गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है?’ राघव चड्ढा ने वीडियो संदेश जारी कर अपना पक्ष रखा और कहा, ‘मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

- Advertisement -
Ad image

उपनेता पद से हटाने का फैसला

राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर उन्हें इस पद से हटाने की औपचारिक मांग की। साथ ही, सदन में उनके बोलने पर भी रोक लगाने की बात कही गई। पार्टी ने उनके स्थान पर पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को उपनेता बनाने का प्रस्ताव रखा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब राघव चड्ढा को पार्टी के कोटे के तहत बोलने का समय न दिया जाए।

इन मुद्दों को उठाया था राघव चड्ढा ने

  • राघव चड्ढा ने भावुक अंदाज़ में कहा कि उन्होंने संसद में आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।
  • उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, जोमैटो और ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स की समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
  • इसके अलावा खाने में मिलावट, टोल प्लाजा पर वसूली और बैंकों द्वारा लिए जा रहे चार्जेज का मुद्दा भी उठाया।
  • उन्होंने मिडिल क्लास पर बढ़ते टैक्स बोझ और कंटेंट क्रिएटर्स पर होने वाली स्ट्राइक का सवाल भी संसद में उठाया।
  • टेलीकॉम कंपनियों द्वारा बार-बार रिचार्ज कराने, डेटा रोलओवर न देने और रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग बंद करने जैसे मुद्दों को भी उजागर किया।
  • चड्ढा ने कहा कि इन मुद्दों से आम जनता को फायदा हुआ, लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ, यह समझ से परे है।
  • उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें बोलने से क्यों रोका जा रहा है और उनकी आवाज दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है।

एक दौर था, केजरीवाल के करीबी थे

राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बेहद करीबी माने जाते थे और कई आंदोलनों में साथ नजर आए। लेकिन दोनों के बीच दूरी की चर्चा उस समय तेज हुई, जब मार्च 2024 में आबकारी नीति मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा स्वास्थ्य कारणों से विदेश में थे। केजरीवाल की करीब छह महीने लंबी न्यायिक हिरासत के दौरान भी वह भारत नहीं लौटे और 13 सितंबर 2024 को उनकी रिहाई के कुछ दिन बाद ही उनसे मुलाकात की।

- Advertisement -
Ad image

बरी होने के बाद भी बनाए रखी दूरी

दिल्ली की अदालत द्वारा आबकारी मामले में केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य ‘आप’ नेताओं को बरी किए जाने के बाद भी चड्ढा ने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया। इतना ही नहीं, इस फैसले के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस और जंतर-मंतर की रैली से भी वह दूर रहे, जिससे उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए।

पार्टी में घटती भूमिका की चर्चा

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि धीरे-धीरे चड्ढा को संगठन और चुनावी जिम्मेदारियों से अलग किया जा रहा है। हालांकि, इसके बावजूद वह संसद के भीतर और बाहर सक्रिय नजर आए और लगातार आम जनता से जुड़े मुद्दों—जैसे हवाई किराए में बढ़ोतरी और गिग वर्कर्स की समस्याएं—उठाते रहे।

अशोक मित्तल को मिली नई जिम्मेदारी

इस बीच, पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को पार्टी ने उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी है। मित्तल ने कहा कि वह इस भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे और सदन में पार्टी की नीति के साथ-साथ देशहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से रखेंगे।

Keywords: Raghav Chadha Statement, AAP Rajya Sabha Controversy, Raghav Chadha Removed Deputy Leader, AAP Internal Conflict, Arvind Kejriwal Party News

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू