स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में पोक्सो कोर्ट के आदेश पर झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट की धारा 5/6 समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने दो नाबालिग पीड़ितों की ओर से शोषण का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दी थी। हालांकि, शुरुआत में तहरीर मिलने के बावजूद एफआईआर नहीं दर्ज की गई थी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज
28 जनवरी को आवेदक ने धारा 173(4) के तहत जिला न्यायालय में अर्जी दायर की। एडीजे रेप और पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने 21 फरवरी को अर्जी स्वीकार करते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। एडीजे पोक्सो एक्ट विनोद कुमार चौरसिया के निर्देश पर झूंसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है और सबूतों के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए विभिन्न धाराओं का हवाला दिया गया है। इनमें भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 की धारा 351(3) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धाराएं 3, 4(2), 5, 6, 16 और 17 शामिल हैं। इन धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहन जांच की जाएगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य पर भी एफआईआर दर्ज
प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकदानंद ब्रह्मचारी और दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग बच्चा उनके पास आया और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर यौन शोषण का आरोप लगाया।
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