यूपी: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 2026-27 के लिए 9,12,696.3 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। ये पिछले साल से करीब 12.2 फीसदी ज्यादा है। वैसे, इस बार का बजट खास है क्यूंकि एक तो अगले साल चुनाव हैं, ऊपर से योगी आदित्यनाथ सरकार का ये दूसरा कार्यकाल है और आखिरी पूरा बजट भी। खुद मुख्यमंत्री योगी ने इसे “दशकीय प्रमाण” कहा और दावा किया है कि ये बजट सीधे 25 करोड़ लोगों की उम्मीदों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सरकार कह रही है कि ये महज आय-व्यय का हिसाब नहीं, बल्कि आने वाले वक्त के लिए विकास की पूरी दिशा तय करता है। पूंजीगत खर्च 19.5% रखा गया है, साफ है सरकार अब इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबी अवधि वाली संपत्तियों में पैसा झोंकना चाहती है।
युवा और रोजगार पर बड़ा दांव
इस बार सबसे बड़ी बात है 10 लाख नौकरियों का वादा और युवाओं के लिए नए ट्रेनिंग सेंटर खोलने का ऐलान। वित्त मंत्री ने कहा कि अब युवाओं को स्किल बेस्ड ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे उनकी नौकरी पाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। एग्रो एक्सपोर्ट हब और रोजगार केंद्र भी बनने हैं, ताकि गांव और शहर दोनों जगह स्थानीय स्तर पर रोजगार के रास्ते खुलें। सरकार की सोच सिर्फ सरकारी नौकरियों तक ही नहीं है, निजी निवेश और कृषि से जुड़ी इंडस्ट्रीज़ को भी बढ़ावा मिलेगा। चुनाव से पहले सरकार ये साफ संदेश देना चाहती है कि युवा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं।
किसान, गरीब और समाज के लिए रणनीति
बजट में किसानों को मुफ्त बिजली देने की सुविधा बरकरार रखने का ऐलान हुआ है। साथ ही, दवाइयां सस्ती करने का वादा भी किया गया है, ताकि आम लोगों को सीधी राहत मिले। कुल बजट का 12.4% शिक्षा और 6% स्वास्थ्य के लिए रखा गया है, जबकि कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को 9% हिस्सा दिया गया है। इन आंकड़ों से सरकार की कोशिश साफ दिखती है कि वो समाज के अलग-अलग वर्गों को ध्यान में रखकर संतुलित निवेश करना चाहती है। योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि गरीबों का सम्मान, महिलाओं का सशक्तिकरण और किसानों की तरक्की ही इस बजट का केंद्र है। यानी सरकार समावेशी विकास का चेहरा पेश कर रही है।
खर्च पर काबू और संतुलन
वित्त मंत्री ने बताया कि 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 2026-27 में राजकोषीय घाटा 3% तक सीमित रहेगा, जो 2030-31 तक लागू रहेगा। इससे सरकार दिखाना चाहती है कि वो विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखेगी। बजट तो बड़ा है, लेकिन घाटा काबू में रखना आर्थिक समझदारी भी है। कुल मिलाकर ये बजट चुनावी साल से पहले विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का ऐसा मेल है, जो सरकार के वादों को जमीन पर उतारने की कोशिश है। अब देखना यही है कि ये वादे हकीकत में कितनी जल्दी उतरते हैं और क्या चुनाव में जनता का भरोसा जीत पाते हैं।
Keywords: Uttar Pradesh Budget 2026-27, Yogi Adityanath Government Budget, 10 Lakh Jobs UP Budget, Uttar Pradesh Infrastructure And Agriculture Budget

