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‘हां, मैं तानाशाह हूं… कभी-कभी जरूरत होती है’, WEF के मंच से ट्रंप ने दिया विवादित बयान

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आलोचनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने आक्रामक फैसलों और ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर दुनिया की प्रतिक्रिया दी।

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World Economic Forum: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे पारंपरिक कूटनीति और नरम शब्दों में विश्वास नहीं रखते। ट्रंप ने खुलेआम उन आरोपों का जिक्र किया जिनमें लोग उन्हें तानाशाह बताते हैं। वो बोले, उनका भाषण लोगों को इतनी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली कि खुद उन्हें भी हैरानी हुई। ट्रंप के हिसाब से, उनका ये भाषण उनके बारे में फैली कई गलतफहमियों को तोड़ने वाला था।

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‘तानाशाह’ वाले आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया

अब तानाशाह वाले आरोपों पर ट्रंप ने जो कहा, उसकी चर्चा हर ओर हो गई। वो बोले, “लोग अक्सर कहते हैं कि मैं भयानक तानाशाह हूं। हां, हूं, लेकिन कभी-कभी तानाशाह की जरूरत पड़ती है।” उनके समर्थकों ने इसे मजबूत नेतृत्व की मिसाल बताया, जबकि विरोधियों को इसमें लोकतंत्र के लिए खतरा नजर आया। जानकारों का मानना है कि ट्रंप जानबूझकर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, ताकि वो अपने समर्थकों तक सीधा संदेश पहुंचा सकें कि उनका लीडर कमजोर नहीं है।

विचारधारा नहीं, ‘कॉमन सेंस’ पर फैसले

अपने फैसलों को लेकर उठ रहे सवालों पर ट्रंप ने साफ किया कि वे किसी खास विचारधारा के दबाव में काम नहीं करते। उन्होंने कहा कि उनके लगभग 95 प्रतिशत फैसले ‘कॉमन सेंस’ यानी व्यावहारिक समझ पर आधारित होते हैं। ट्रंप के मुताबिक, उनके निर्णय न पूरी तरह रूढ़िवादी हैं, न ही बिल्कुल उदारवादी। जो सही और असरदार लगे, वही रास्ता चुनते हैं। ट्रंप का कहना है, आज की राजनीति में विचारधाराओं से ज्यादा जमीनी हल ज़रूरी हैं, खासकर जब दुनिया इतनी अनिश्चितता से गुजर रही हो।

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ग्रीनलैंड विवाद पर ट्रंप ने दी सफाई

ग्रीनलैंड जैसे मुद्दों पर ट्रंप ने मंच से सफाई दी। उन्होंने माना कि उनके कुछ बयान, खासकर ग्रीनलैंड को लेकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव का कारण बने। लेकिन ट्रंप ने ये भी कहा कि उनके इरादों को गलत समझा गया। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका बल प्रयोग के पक्ष में नहीं है, न ही उनका खुद का ऐसा कोई इरादा है। लोग सोचते हैं कि अमेरिका आक्रामक कदम उठा सकता है, लेकिन असल में वो बातचीत और दबाव के जरिए डील करना पसंद करते हैं।

Keywords: Donald Trump, World Economic Forum, Trump Dictator Statement, US President Speech, Greenland Issue

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