- Advertisement -

देश की शान के लिए मारी बांग्लादेश प्रीमियर लीग को ठोकर, कौन है रिद्धिमा पाठक? जानिए रांची की इस एंकर की पूरी कहानी

भारतीय स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग से खुद को अलग कर देश को सर्वोपरि बताया। जानिए रांची की इस एंकर के करियर, शिक्षा और संघर्ष की कहानी।

5 Min Read

भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इन दिनों संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। इसी माहौल में भारतीय स्पोर्ट्स प्रेजेंटर रिद्धिमा पाठक का नाम अचानक सुर्खियों में आ गया। बता दें, बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम बातें चल रही थीं, तो रिद्धिमा ने खुद आगे आकर सारी अफवाहों पर रोक लगा दी। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में साफ-साफ लिखा कि उन्हें BPL से हटाया नहीं गया, बल्कि उन्होंने खुद तय किया कि वो इस बार BPL का हिस्सा नहीं रहेंगी। रिद्धिमा ने ये भी कहा कि उनके लिए देश सबसे ऊपर है, और क्रिकेट उनके लिए किसी भी प्रोफेशनल असाइनमेंट से ज्यादा मायने रखता है। उनके इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोग खुलकर उनके समर्थन में आ गए। सबने उनके इस साहसिक कदम की जमकर तारीफ की।

- Advertisement -
Ad image

कौन है रिद्धिमा पाठक?

रिद्धिमा पाठक का जन्म 17 फरवरी 1990 को रांची, झारखंड में हुआ था। इस वक्त वो 35 साल की हैं। रांची जैसे छोटे शहर से निकलकर पूरे देश में नाम बनाना आसान नहीं था, लेकिन रिद्धिमा ने इसे सच कर दिखाया, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर। बचपन उनका बिल्कुल आम था, लेकिन शुरू से ही मंच पर बोलने और खुद को सामने रखने की आदत थी। यही आदत आगे चलकर उनके करियर की नींव बन गई। आज लोग उन्हें मल्टीटैलेंटेड प्रोफेशनल के तौर पर जानते हैं मॉडलिंग, एक्टिंग, वॉइस आर्ट, और स्पोर्ट्स एंकरिंग… हर जगह वो उतनी ही सहज हैं।

पढ़ाई और इंजीनियरिंग से मीडिया तक का बड़ा मोड़

रिद्धिमा ने स्कूलिंग मुंबई के रामनिरंजन पोदार स्कूल से की। स्कूल के दिनों में ही उन्हें डिबेट, थिएटर और स्टेज पर बोलने का शौक लग गया था, और पढ़ाई में भी वो हमेशा टॉप पर रहीं। 2008 में उन्होंने एमकेएसएसएस कमिंस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया, और वो भी ए ग्रेड के साथ। पढ़ाई के बाद उन्हें इंजीनियर की नौकरी भी मिल गई, लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा। आर्ट्स और मीडिया के लिए उनका लगाव इतना गहरा था कि उन्होंने बिना डरे, एकदम पक्का मन बनाकर, इंजीनियरिंग छोड़ दी। यही फैसला उनकी असली पहचान बना।

- Advertisement -
Ad image

रेडियो से टीवी तक का सफर

इंजीनियरिंग छोड़ने के बाद रिद्धिमा ने मीडिया में एंट्री मारी। सबसे पहले एक रेडियो स्टेशन में इंटर्नशिप की, फिर रेडियो जॉकी बनीं। रेडियो ने उनकी आवाज़, भाषा और कॉन्फिडेंस को खूब निखारा। इसके बाद उन्होंने टीवी की दुनिया पकड़ी और स्पोर्ट्स प्रेजेंटेशन में अपनी अलग जगह बना ली। स्टार स्पोर्ट्स, टेन स्पोर्ट्स, सोनी, जियो, कई बड़े प्लेटफॉर्म्स पर उन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल इवेंट्स होस्ट किए। उनकी साफ और असरदार आवाज़, सटीक सवाल, और खेल की मजबूत समझ उन्हें बाकी सबसे अलग बनाती है।

टोक्यो ओलंपिक्स से मिली खास पहचान

रिद्धिमा को असल पहचान टोक्यो ओलंपिक्स के वक्त मिली। उस दौरान उन्होंने पूर्व हॉकी खिलाड़ी वीरेन रस्किन्या के साथ मिलकर भारतीय हॉकी टीम का विश्लेषण किया। उनकी प्रजेंटेशन सिर्फ जानकारी देने वाली नहीं थी, बल्कि दर्शकों को खेल से जोड़ने वाली भी थी। क्रिकेट के अलावा हॉकी और बाकी खेलों पर उनकी पकड़ ने ये साबित कर दिया कि वो बस एंकर नहीं, एक गंभीर स्पोर्ट्स एनालिस्ट भी हैं। विराट कोहली और एमएस धोनी जैसे स्टार खिलाड़ियों का इंटरव्यू लेना, ये किसी भी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट के लिए बड़ी बात है, और रिद्धिमा ये कर चुकी हैं।

BPL से किया खुदको अलग देश को रखा पहले

BPL से खुद को अलग करने का रिद्धिमा का फैसला सिर्फ प्रोफेशनल नहीं था, ये उनके अंदर के उसूलों और सोच का भी सबूत है। उन्होंने साफ कहा, ईमानदारी, स्पष्टता और खेल भावना के साथ हमेशा खड़ी रहूंगी। उनका ये कदम उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो करियर और अपने सिद्धांतों के बीच संतुलन ढूंढ रहे हैं। रिद्धिमा ने दिखा दिया कि कामयाबी सिर्फ मंच पर दिखने से नहीं आती, बल्कि सही वक्त पर सही फैसला लेने से मिलती है। आज वो सिर्फ एक सफल स्पोर्ट्स प्रेजेंटर नहीं, बल्कि एक मजबूत सोच की मिसाल बन चुकी हैं।

Keywords: Ridhima Pathak, Who Is Ridhima Pathak, BPL Controversy, Bangladesh Premier League

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू