पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट की कहानी ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया था। 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह बनाने के बावजूद, सिर्फ 100 ग्राम अधिक वजन के कारण उन्हें फाइनल से बाहर कर दिया गया। यह फैसला न केवल उनके लिए, बल्कि भारतीय खेल जगत के लिए भी बड़ा झटका था। निराशा और मानसिक पीड़ा के बीच उन्होंने अचानक संन्यास लेने का ऐलान किया, जिससे सभी हैरान रह गए। लेकिन अब लंबे समय बाद, विनेश ने अपना सन्यास लेने का फैसला वापस ले लिया है।
‘लॉस एंजिल्स की ओर कदम बढ़ा रही हूं’
कुछ महीनों की शांति और सोच-विचार के बाद, विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर अपनी वापसी का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि लोग बार-बार पूछते थे कि क्या पेरिस ओलंपिक उनका आखिरी सफर था, लेकिन उनके अंदर की पहलवान कभी हार नहीं मानी। विनेश ने कहा कि अनुशासन, मेहनत और रोज़ की प्रैक्टिस उनके जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। चाहे वह कहीं भी जाएं, उनका दिल हमेशा रेसलिंग मैट पर रहता है। अब वह बिना डर के LA28 ओलंपिक की ओर बढ़ रही हैं, और इस बार अपने छोटे बेटे को अपने साथ चीयरलीडर बनाकर।
पेरिस विवाद का अंत
फाइनल से बाहर होने के बाद, विनेश ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील की थी। कई सुनवाई और देरी के बाद उनकी अपील को खारिज कर दिया गया। यह फैसला उनके लिए एक और बड़ा झटका था, क्योंकि उनका मानना था कि तकनीकी गलती को ज्यादा संवेदनशील तरीके से देखा जाना चाहिए था। तीन ओलंपिक में भाग लेने के बावजूद मेडल से चूकना उनके करियर का सबसे कठिन पल था। लेकिन अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के कारण, उन्होंने इसे अपने सफर का अंत नहीं बनने दिया।
विनेश का रेसलिंग सफर
विनेश फोगाट का जन्म हरियाणा के चरखी दादरी में हुआ था, और बचपन से ही वह अखाड़े की दुनिया से जुड़ी रही हैं। उनके नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो ब्रॉन्ज, एशियन गेम्स में गोल्ड और कॉमनवेल्थ गेम्स में तीन स्वर्ण पदक हैं। खेल के साथ-साथ, उन्होंने समाज और राजनीति में भी अपनी पहचान बनाई। 2024 में, वह हरियाणा के जुलाना विधानसभा से कांग्रेस की विधायक चुनी गईं। उनकी वापसी न सिर्फ भारतीय कुश्ती के लिए एक सकारात्मक संकेत है, बल्कि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा है जो अपनी असफलताओं से संघर्ष करके आगे बढ़ना चाहते हैं।
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