इंडिया के दौरे पर पहुंचे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वे भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी भारतीय साथियों को रूसी प्रतिनिधिमंडल के लिए किए गए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपने घर पर डिनर के लिए भी धन्यवाद दिया। पुतिन ने कहा कि दोनों देश भुगतान निपटान के लिए राष्ट्रीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत के कुडनकुलम में चल रहा फ्लैगशिप प्रोजेक्ट दोनों देशों के सहयोग का बड़ा उदाहरण है। यहाँ भारत का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाया जा रहा है। छह रिएक्टर यूनिट्स में से दो पहले ही ग्रिड से जुड़ चुके हैं और चार और निर्माणाधीन हैं। यह भारत की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा और उद्योग व घरों को सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने कहा कि रूस और भारत मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्ग विकसित कर रहे हैं, जिनमें रूस या बेलारूस से हिंद महासागर तक नॉर्थ–साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर की परियोजना भी शामिल है। पुतिन ने आगे कहा कि रूस और भारत, BRICS, SCO और वैश्विक बहुसंख्यक देशों के साथ मिलकर स्वतंत्र और आत्मनिर्भर विदेश नीति चला रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र में स्थापित कानून के मूल सिद्धांतों की रक्षा कर रहे हैं। BRICS के संस्थापक देशों के रूप में दोनों देशों ने संगठन की प्रतिष्ठा बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अगले वर्ष भारत BRICS की अध्यक्षता संभालेगा, और रूस इस दौरान भारत को पूरा सहयोग देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 50 वर्षों से रूस भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और सशस्त्रीकरण में मदद करता आ रहा है, जिसमें वायु रक्षा, वायुसेना और नौसेना जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। वार्ता के नतीजों से वह पूरी तरह संतुष्ट हैं और उनका विश्वास है कि यह दौरा और हुए समझौते दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा—
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस की मित्रता वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की ताकत देगी और यह भरोसा हमारे साझा भविष्य को और मजबूत करेगा। उन्होंने बताया कि दोनों देश भुगतान निपटान में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ा रहे हैं और इस समय वाणिज्यिक लेनदेन का 96% इसी आधार पर हो रहा है।
मोदी ने कहा कि इस साल अक्टूबर में कल्मिकिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन किए। उन्होंने यह भी बताया कि भारत जल्द ही रूसी नागरिकों के लिए 30 दिनों का फ्री ई-टूरिस्ट वीज़ा और 30 दिनों का ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा शुरू करने जा रहा है। यूक्रेन मुद्दे पर मोदी ने कहा कि भारत शुरू से ही शांति का समर्थक रहा है और किसी भी शांतिपूर्ण तथा स्थायी समाधान की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करता है। भारत हमेशा अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा।
मोदी ने कहा कि 2010 में भारत-रूस संबंधों को ‘विशेष विशेषाधिकार प्राप्त सामरिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था। पिछले ढाई दशकों में राष्ट्रपति पुतिन ने अपने नेतृत्व और दूरदृष्टि के साथ इस रिश्ते को लगातार मजबूत किया है। हर परिस्थिति में उनकी भूमिका ने दोनों देशों के संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को अपनी गहरी मित्रता और भारत के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
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