महाराष्ट्र में निकाय चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। ठाणे जिले की उल्हासनगर महानगरपालिका के 5 वरिष्ठ बीजेपी नगरसेवकों ने एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में प्रवेश किया। इस प्रवेश से उल्हासनगर में शिवसेना की ताकत बढ़ गई है। जिन नेताओं ने शिवसेना का धनुष-बाण चिन्ह थामा है, उनमें बीजेपी के वरिष्ठ नगरसेवक जमनू पुरसवानी, प्रकाश मखीजा, महेश सुखरामानी, किशोर वनवारी और मीना सोंडे शामिल हैं।
उल्हासनगर महानगरपालिका में अहम योगदान
1984 से बीजेपी के कार्यकर्ता रहे जमनू पुरसवानी लगातार 5 बार चुनाव जीत चुके हैं। उल्हासनगर महानगरपालिका में वे 17 साल तक गटनेता भी रहे हैं। सिंधी समाज से आने वाले पुरसवानी पिछले 25 वर्षों से नगरसेवक हैं। उन्होंने 2 बार बीजेपी जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष बने परेशानी की वजह
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की कार्यशैली से परेशान होकर उल्हासनगर के पुराने और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की कई शिकायतें भी रहीं जिनमें 2023 से रविंद्र चव्हाण के कारण करीब 30 करोड़ का विधायक निधि इस्तेमाल न हो पाने की शिकायत भी शामिल है। पार्टी छोड़ने वाले नगरसेवकों का कहना है कि प्रदेशाध्यक्ष की मनमानी के कारण उल्हासनगर में बीजेपी में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है।
शीर्ष नेतृत्व से शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
नगरसेवकों ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की कामकाज पद्धति के बारे में उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने आखिरकार शिवसेना में प्रवेश कर लिया। हिंदुत्व और एनडीए के साथ बने रहने के लिए उन्होंने एकनाथ शिंदे से आग्रह किया और शिवसेना का धनुष-बाण चिन्ह स्वीकार किया। शिवसेना के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिस तरह ठाणे शहर का विकास किया वैसा ही विकास उल्हासनगर में भी हो।
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