- Advertisement -

पोर्नोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध की याचिका पर SC की टिप्पणी, कहा- नेपाल में बैन का अंजाम देखिए

सुप्रीम कोर्ट ने 14 से 18 साल के किशोरों के लिए पोर्नोग्राफी बैन की नीति बनाने वाली याचिका 4 हफ्ते के लिए टाल दी है। कहा नेपाल में अंजाम देखिए।

2 Min Read

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को पोर्नोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और नीति बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह इस पर तत्काल विचार करने के पक्ष में नहीं है। अदालत ने टिप्पणी की कि देखिए नेपाल में बैन लगाने पर क्या परिणाम हुआ? दरअसल, नेपाल में इस साल की शुरुआत में अश्लील सामग्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। खासकर युवा वर्ग और जेन-ज़ी (Gen-Z) ने सड़कों पर उतरकर सरकार पर भ्रष्टाचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचलने के आरोप लगाए थे।

- Advertisement -
Ad image

पोर्नोग्राफी पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

मामला मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली दो-न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष आया। न्यायालय ने कहा कि वह फिलहाल इस याचिका पर आगे नहीं बढ़ेगा और इसे 4 सप्ताह बाद फिर से सूचीबद्ध किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह राष्ट्रीय नीति बनाकर नाबालिगों के बीच पोर्नोग्राफी की पहुंच रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
दरअसल याचिका में यह भी मांग की गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील सामग्री देखने पर रोक लगाई जाए।

SC ने क्यों दिया नेपाल का उदाहरण?

सुप्रीम कोर्ट का इशारा नेपाल में हुए हालिया घटनाक्रम की ओर था, जहां पोर्न बैन के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। वहां के युवाओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन यह मामला आने वाले हफ्तों में फिर से चर्चा में रहेगा।

- Advertisement -
Ad image

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत में पोर्नोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध या नियंत्रित नीति अपनाई जाती है या नहीं।

Keywords: Porn Ban India News In Hindi, CJI BR Gavai News, Nepal Porn Ban Protest, Supreme Court Pornography Case

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू