- Advertisement -

आज से शुरू हो रहा बड़ा बदलाव: आप भी बनिए डिजिटल जनगणना 2027 का हिस्सा

भारत ने पहली डिजिटल जनगणना के पहले चरण की शुरुआत कर दी है, जिसमें लोग पहली बार खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे, यह तकनीक का इस्तेमाल करके काम को तेज और आसान बनाएगा।

5 Min Read

भारत में आज एक बड़ा बदलाव शुरू हो रहा है जो हर किसी की जिंदगी को छुएगा। जनगणना 2027 का पहला काम आज से शुरू हो रहा है और इसमें लोग अपनी जानकारी खुद भर सकेंगे। यह कदम देश की पहली डिजिटल जनगणना की तरफ है जहाँ जाति की गिनती भी होगी। कोरोना की वजह से 2021 की जनगणना रुक गई थी लेकिन अब इसे 2027 में पूरा किया जाएगा। सरकारी लोग बताते हैं कि यह काम 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 तक चलेगा और इसका मकसद देश की सही तस्वीर बताना है। आज से 7 नवंबर तक लोग अपने घर पर बैठकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपना ब्योरा दे सकेंगे जो पहले कभी नहीं हुआ। यह सुविधा नए तरीके से दी जा रही है ताकि काम आसान और जल्दी हो।

- Advertisement -
Ad image

खुद भरें जानकारी का मौका

इस शुरुआती जाँच में गिनती करने वाले लोग कुछ खास इलाकों में जाकर लोगों की मदद करेंगे। वे घर-घर जाकर बताएंगे कि ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरना है। एक अधिकारी ने कहा कि यह टेस्ट खुद जानकारी भरने के तरीके को देखने के लिए है। 1 नवंबर से 7 नवंबर तक यह सुविधा चलेगी और लिंक सिर्फ चुने हुए लोगों को मिलेगा ताकि कोई दिक्कत न हो। इसके बाद 10 नवंबर से 30 नवंबर तक गिनती करने वाले लोग मोबाइल ऐप से बाकी जानकारी इकट्ठा करेंगे। यह सब जनगणना मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा होगा जो डेटा को सुरक्षित रखेगा। पहले जनगणना के लिए कागज वाले फॉर्म इस्तेमाल होते थे लेकिन अब डिजिटल तरीका अपनाया जा रहा है जो टाइम बचाएगा और गलतियाँ कम करेगा।

घरों की पूरी डिटेल इकट्ठी होगी

इस काम में घरों से जुड़े करीब 30 सवाल पूछे जाएंगे जो जरूरी सुविधाओं पर ध्यान देंगे। जैसे घर का नंबर क्या है फर्श और छत किस चीज से बनी है परिवार का मुखिया कौन है और उसका लिंग क्या है। घर में कितने लोग रहते हैं पीने के पानी का मेन सोर्स क्या है बिजली की व्यवस्था कैसी है टॉयलेट है या नहीं। खाना बनाने के लिए कौन सा ईंधन इस्तेमाल होता है टीवी कंप्यूटर मोबाइल फोन या गाड़ी जैसे सामान हैं या नहीं। ये सवाल इसलिए पूछे जा रहे हैं ताकि देश में तरक्की की असली हालत पता चले। रजिस्ट्रार जनरल ने 16 अक्टूबर को एक सरकारी सूचना जारी की थी जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ चुने हुए इलाकों में यह टेस्ट करने का ऐलान किया गया। यह तरीका 2019 के टेस्ट से अलग है जहाँ 76 जिलों में 26 लाख लोगों को शामिल किया गया था।

- Advertisement -
Ad image

जाति गिनती का इंतजार

इस जनगणना में आजाद भारत में पहली बार जाति की गिनती होगी जो 1931 के बाद हो रही है। अभी जाति से जुड़े सवालों की लिस्ट पक्की नहीं हुई है इसलिए इस चरण में सिर्फ घरों की जानकारी पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकारी सूत्र कहते हैं कि अगले चरण में यह जोड़ा जाएगा। पिछली जनगणना 2011 में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को नया किया गया था लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। एनपीआर का आखिरी अपडेट 2015-16 में हुआ था और सरकार ने लोकसभा में साफ कहा है कि अब इसे छेड़ा नहीं जाएगा। यह फैसला डेटा को साफ रखने के लिए लिया गया है। जनगणना कमिश्नर ने बताया कि पूरा काम दो हिस्सों में होगा पहले घरों का और फिर लोगों का।

डिजिटल कदम से नई उम्मीदें

यह डिजिटल जनगणना देश के लिए बहुत बड़ा कदम साबित होगी। गिनती करने वाले पहले लोगों को पोर्टल का लिंक देंगे ताकि वे खुद भर सकें फिर दोबारा जाकर चेक करेंगे। यह काम सभी राज्यों में एक साथ चलेगा और चुने हुए नमूना इलाकों पर ध्यान रहेगा। 2027 तक यह पूरा हो जाएगा और डेटा दो-तीन साल में बाहर आएगा। यह बदलाव लोगों को ताकत देगा क्योंकि वे खुद अपनी बात दर्ज करा सकेंगे।

Keywords: India Digital Census 2027, Self Enumeration Portal, Caste Based Census, House Listing Operations, Registrar General India

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं

- Advertisement -

- Advertisement -

- Advertisement -

लेटेस्ट
चुटकी शॉट्स
वीडियो
वेबस्टोरी
मेन्यू