29 अक्टूबर यानि आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स स्टेशन से राफेल फाइटर जेट में ऐतिहासिक उड़ान भरी और वे भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं जिन्होंने यह कार्य किया। उड़ान से पहले उन्हें एयरबेस पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो भारतीय सशस्त्र बलों के साथ उनके गहरे संबंध को दर्शाता है। यह उड़ान उनकी पहली फाइटर जेट उड़ान के लगभग दो साल बाद हुई, जो उन्होंने अप्रैल 2023 में असम के तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई में भरी थी। इससे वे तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राज्य प्रमुख बनीं जो फाइटर जेट उड़ान भरतीं। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने क्रमशः 2006 और 2009 में सुखोई-30 में उड़ान भरी थी। यह राफेल उड़ान उनके कार्यकाल में सुरक्षा बलों के साथ जुड़ाव का नया संकेत है।
राफेल जेट्स फ्रांसीसी कंपनी डसॉ एविएशन द्वारा बनाए गए हैं और सितंबर 2020 में अंबाला एयरबेस में भारतीय वायु सेना में ऑफिसियली शामिल किए गए थे। पहले पांच जेट 17वीं स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोस’ का हिस्सा बने। राफेल जेट्स कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों में अहम भूमिका निभा चुके हैं, जैसे कि 2025 में ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें पाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों में आतंकवाद के ढांचे को निशाना बनाया गया। भारत ने 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदने की योजना बनाई थी, जिसकी लागत लगभग 18 अरब डॉलर थी, जो दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक है। इस कार्यक्रम में डसॉ राफेल, लॉकहीड मार्टिन का F-21, बोइंग का F/A-18 और यूरोफाइटर टाइफून प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
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