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हाफिज सईद का करीबी बांग्लादेश सीमा के पास हुआ सक्रिय, भारत की सुरक्षा एजेंसिया हुई अलर्ट

हाफिज सईद का करीबी इब्तिसाम इलाही जहीर इन दिनों भारत की सीमा से सटे बांग्लादेशी इलाकों में घूम रहा है और लोगों को भड़का रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पर पैनी नजर रखी है।

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पाकिस्तान में रहने वाला हाफिज सईद का एक करीबी साथी इन दिनों बांग्लादेश में बहुत सक्रिय हो गया है और भारत की सीमा से लगे इलाकों में घूमकर लोगों को भड़काने का काम कर रहा है। इस शख्स का नाम इब्तिसाम इलाही जहीर है जो लश्कर ए तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का भरोसेमंद आदमी माना जाता है। वह बांग्लादेश के कई संवेदनशील जिलों में जाकर धार्मिक सभाओं में भाषण दे रहा है और कट्टरपंथी विचारों वाले लोगों से संपर्क बढ़ा रहा है। भारत की सुरक्षा एजेंसियां इस गतिविधि पर नजर रख रही हैं क्योंकि इससे पूर्वोत्तर राज्यों में अशांति फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जहीर की ये हरकतें भारत के लिए बड़ी चिंता का सबब बन गई हैं जहां सीमा पर पहले से ही तनाव रहता है।

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बांग्लादेश में जहीर की हरकतें

इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि जहीर पाकिस्तान की मरकजी जमीयत अहले हदीस का महासचिव है और वह 25 अक्टूबर को ढाका पहुंचा था। उसके बाद उसने राजशाही और चपाइनवाबगंज जैसे भारत से सटे इलाकों का दौरा किया जहां सीमा बहुत करीब है। इस हफ्ते वह रंगपुर जाने वाला है और ये उसकी इस साल की दूसरी बांग्लादेश यात्रा है क्योंकि फरवरी 2025 में भी वह एक हफ्ते से ज्यादा वहां रुका था। जहीर की योजना में रंगपुर लालमोनिरहाट नीलफामारी जॉयपुरहाट और नागांव जैसे कई सीमावर्ती जिले शामिल हैं जहां वह स्थानीय धार्मिक समूहों से मिलकर बातचीत कर रहा है। वह 6 से 7 नवंबर को राजशाही के पाबा उपजिला में डांगीपारा के एक बड़े सलफी सम्मेलन में शामिल होगा और 8 नवंबर को पाकिस्तान वापस लौटेगा। ये सारी यात्रा भारत की नजर में संदिग्ध है क्योंकि जहीर हाफिज सईद जैसे आतंकी से जुड़ा हुआ है।

भाषणों में भारत पर निशाना

चपाइनवाबगंज में एक धार्मिक सभा के दौरान जहीर का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह कह रहा है कि इस्लाम के लिए खुद को और अपने बच्चों को कुर्बान करने के लिए तैयार रहो। उसने पाकिस्तान से बांग्लादेश तक सभी मुसलमानों को सेक्युलर ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की बात कही। कश्मीर का जिक्र करते हुए जहीर ने कहा कि वहां के लोगों को उनकी आजादी से वंचित किया जा रहा है और पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह इस अन्याय के खिलाफ मजबूत आवाज उठाए। उसने आगे कहा कि अल्लाह की कृपा से वो दिन आएगा जब कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बन जाएगा। ये बयान भारत विरोधी हैं और सीमा के पास दिए जा रहे हैं जिससे पूर्वोत्तर इलाकों में तनाव बढ़ने की आशंका है। जहीर की ये बातें लोगों को भड़काने वाली हैं और सुरक्षा एजेंसियां इन्हें गंभीरता से ले रही हैं।

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हाफिज सईद और दूसरे संपर्क

जहीर सिर्फ हाफिज सईद का करीबी नहीं है बल्कि भारतीय भगोड़े जाकिर नाइक से भी उसका संपर्क है जिनकी मुलाकात अक्टूबर 2024 में पाकिस्तान में हुई थी। पिछले 24 सालों से जहीर हाफिज सईद और उसके साथियों से जुड़ा हुआ है। उसकी अहले हदीस विचारधारा पूरे दक्षिण एशिया में सलफी नेटवर्क को मजबूत बना रही है। ढाका में जहीर ने निब्रास इंटरनेशनल स्कूल के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और अहले हदीस मूवमेंट बांग्लादेश के प्रमुख असदुल्लाह अल गालिब से मिलने की योजना बनाई है। ये संगठन पहले चरमपंथी गतिविधियों के आरोपों में घिर चुका है।

पूर्वोत्तर में खतरे की घंटी

सुरक्षा जानकार मानते हैं कि जहीर की ये गतिविधियां भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में अशांति फैलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं। बांग्लादेश की सीमा से सटे इलाकों में सलफी नेटवर्क की मौजूदगी बढ़ रही है जो भारत के लिए सुरक्षा चुनौती बन गई है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सत्ता में है और रिपोर्ट्स कहती हैं कि इस दौरान चरमपंथी नेटवर्क को ज्यादा छूट मिली है। बांग्लादेश सरकार ने जहीर की यात्रा पर अभी कोई बयान नहीं दिया है लेकिन भारत की एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।

Keywords: Hafiz Saeed Associate Ibtisam Elahi Zaheer, Bangladesh Border Activity, India Security Threat, Northeast India Unrest, Lashkar-E-Taiba Influence

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