बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने राज्य में तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, AIMIM ने राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश करते हुए विभिन्न दलों और नेताओं से संपर्क साधा है।
तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी में ओवैसी
सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव, बहुजन समाज पार्टी (BSP), और पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव से बातचीत की है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभा चुके नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को भी इस गठबंधन में शामिल करने की कोशिशें चल रही हैं।
जल्द हो सकता है तीसरे मोर्चे का ऐलान
जानकारी के अनुसार, आने वाले 2 से 3 दिनों में तीसरे मोर्चे की औपचारिक घोषणा हो सकती है। इस मोर्चे का उद्देश्य राज्य की मौजूदा दो ध्रुवीय राजनीति—एनडीए और महागठबंधन—के विकल्प के रूप में खुद को प्रस्तुत करना है।
AIMIM ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में सीमांचल क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया था और 5 सीटें जीती थीं। इस बार पार्टी कम से कम 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है, खासकर मुस्लिम और दलित वोट बैंक को केंद्र में रखकर।
तीसरे मोर्चे को लेकर संभावनाएं क्या?
तीसरे मोर्चे की संभावना को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर यह गठबंधन आकार लेता है और मजबूत उम्मीदवार उतारे जाते हैं, तो यह बिहार की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। AIMIM का सीमांचल में प्रभाव है, जबकि BSP और अन्य दलों का भी कुछ खास क्षेत्रों में आधार है।
हालांकि, गठबंधन की स्थिरता, सीट बंटवारा और चुनावी रणनीति इस मोर्चे की सफलता या असफलता का निर्धारण करेगी।
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