मध्य प्रदेश में बच्चों की सेहत को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है और दो कफ सिरपों की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है। ये सिरप गुजरात की कंपनियों में बने हैं और इनमें एक खतरनाक केमिकल की मात्रा तय सीमा से कई गुना ज्यादा पाई गई है। राज्य के दवा नियंत्रण विभाग ने यह फैसला जांच के बाद लिया है ताकि कोई भी बच्चा इन दवाओं से नुकसान न उठाए। यह खबर उन माता-पिता के लिए बहुत जरूरी है जो अपने बच्चों को सर्दी-खांसी की दवा देते हैं।
जांच में खुला खतरनाक केमिकल
राज्य की दवा प्रयोगशाला में जांच के दौरान रिलाइफ सिरप और रेस्पीफ्रेश टीआर सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल नामक केमिकल की मात्रा बहुत ज्यादा मिली। रिलाइफ में यह 0.6161 प्रतिशत और रेस्पीफ्रेश टीआर में 1.342 प्रतिशत था जो सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा है। यह केमिकल किडनी, लिवर और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है और कई बार यह मौत का कारण भी बन जाता है। ये सिरप गुजरात के अहमदाबाद और राजकोट की फार्मा कंपनियों में बने हैं। मध्य प्रदेश के कई जिलों में इनके बैच मौजूद थे लेकिन अब इन्हें बाजार से हटाने का आदेश दे दिया गया है।
सरकार की त्वरित कार्रवाई
मध्य प्रदेश के दवा नियंत्रक ने इन दोनों सिरपों की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को आदेश दिया है कि दवा दुकानों, अस्पतालों और गोदामों में इन सिरपों की तलाश करें और अगर स्टॉक मिले तो उसे तुरंत जब्त कर लें। राज्य सरकार ने गुजरात सरकार को पत्र लिखकर इन सिरपों की निर्माण इकाइयों की जांच करने को कहा है। केंद्र सरकार के ड्रग कंट्रोलर को भी इस मामले की जानकारी दी गई है ताकि अन्य राज्यों में भी सतर्कता बरती जा सके।
डायएथिलीन ग्लाइकॉल का खतरा
डायएथिलीन ग्लाइकॉल एक औद्योगिक सॉल्वेंट है जो कभी-कभी दवा बनाने में गलती या लापरवाही से मिल जाता है। यह केमिकल किडनी फेल होने, सांस लेने में दिक्कत और नसों को नुकसान जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। खासकर बच्चों पर इसका असर बहुत तेज होता है। मध्य प्रदेश में हाल ही में कुछ बच्चों की मौतों के बाद दवा जांच को तेज किया गया था। सरकार ने साफ कहा है कि दोषी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
Keywords: MP Cough Syrup Ban, Toxic Cough Syrup Madhya Pradesh, Diethylene Glycol Ban India, Hazardous Cough Syrup Alert, Madhya Pradesh Drug Ban

