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हाईकोर्ट की तीखी फटकार: करूर हादसा ‘मानव-निर्मित आपदा’, TVK की लापरवाही से गईं 41 जानें!

तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को TVK की रैली में हुई भगदड़ को कोर्ट ने 'इंसानों की बनाई आपदा' कहा है। अब मद्रास हाई कोर्ट ने जांच के लिए स्पेशल टीम (SIT) बनाई है।

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तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर 2025 को तमिलगा वेत्त्री कझगम यानी टीवीके की एक राजनीतिक रैली के दौरान भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 41 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। इस रैली का आयोजन टीवीके के अध्यक्ष और मशहूर अभिनेता विजय ने किया था, जो 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जोर-शोर से जुटे हैं। लेकिन इस हादसे ने उनकी पार्टी की तैयारियों पर गहरा धक्का लगाया है। मद्रास हाईकोर्ट ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए विजय और उनकी पार्टी को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है, क्योंकि आयोजकों ने भीड़ को संभालने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए थे। कोर्ट ने इसे मानव-निर्मित आपदा करार दिया और गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठन करने का आदेश दे दिया ताकि इस त्रासदी के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

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भगदड़ की कहानी, लापरवाही ने बिगाड़ा माहौल

करूर-एरोड हाईवे पर वेलुसाम्यपुरम गांव में टीवीके की रैली को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक की अनुमति मिली थी, लेकिन पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि विजय दोपहर 12 बजे पहुंचेंगे। इस घोषणा के बाद सुबह 11 बजे से ही हजारों समर्थक सड़कों पर जमा होने लगे, जिससे हाईवे पर भारी भीड़ हो गई। विजय चार घंटे देरी से शाम 7 बजे के आसपास पहुंचे, तब तक भीड़ बेकाबू हो चुकी थी और लोग एक-दूसरे पर चढ़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई। वहां न तो पानी की व्यवस्था थी, न शौचालय और न ही बैरिकेडिंग। वीडियो फुटेज में साफ दिखा कि टीवीके की कैंपेन बस के नीचे दो स्कूटर आ गए, लेकिन बस नहीं रुकी और न ही किसी ने घायलों की मदद की, जिससे हादसे में और जानें गईं। पुलिस ने बाद में एफआईआर दर्ज की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि शुरुआत में ही सख्ती बरतनी चाहिए थी।

कोर्ट की तीखी फटकार, हिट एंड रन का मामला

मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एन. सेंथिलकुमार ने सुनवाई के दौरान विजय और उनकी पार्टी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद विजय और उनके साथी घटनास्थल से गायब हो गए, जबकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने शोक जताया। कोर्ट ने इसे नेतृत्व की कमी और गैर-जिम्मेदाराना रवैया बताया। विजय की बस से जुड़े दो हादसों को हिट एंड रन का मामला माना गया, जहां बाइक सवारों को टक्कर मारने के बाद कोई सहायता नहीं दी गई। जस्टिस ने पुलिस से सवाल किया कि भले ही पीड़ितों ने शिकायत न की हो, लेकिन राज्य को खुद कार्रवाई शुरू करनी चाहिए थी। कोर्ट ने सरकार को भी फटकार लगाई कि वह दोषियों पर नरमी बरत रही है और तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।

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एसआईटी जांच और सख्त आदेश

कोर्ट ने भगदड़ और हिट एंड रन की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया, जिसका नेतृत्व नॉर्थ जोन की आईजीपी असरा गर्ग करेंगी। उनके साथ नामक्कल की एसपी विमला और एसपी श्यामलादेवी शामिल होंगी। कोर्ट ने सभी सीसीटीवी फुटेज, खासकर बस के अंदर-बाहर की रिकॉर्डिंग और हादसे वाली बस को जब्त करने का निर्देश दिया। टीवीके के दो नेताओं, राज्य महासचिव बस्सी एन. आनंद और उप महासचिव सीटीआर निर्मल कुमार की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं, क्योंकि वे एफआईआर में नामजद हैं।

राजमार्गों पर रैलियों पर रोक

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु में राजमार्गों पर रैलियों, रोडशो और सार्वजनिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जब तक मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार न हो जाए। कोर्ट ने कहा कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए सख्त नियम जरूरी हैं। पुलिस को सभी दस्तावेज एसआईटी को सौंपने का आदेश दिया गया ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

KeywordsKarur Stampede Tragedy, Vijay TVK Rally Disaster, Madras High Court Order, Tamil Nadu Political Rally Accident, Sit Probe Karur Incident

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