नेपाल में Gen-Z आंदोलन के बाद पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली देखे गए हैं। पद से इस्तीफा देने के लगभग 10 दिन बाद केपी शर्मा ओली सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। दरअसल Gen-Z आंदोलन के कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जानकारी के अनुसार फिलहाल वे किराए के मकान में रहेंगे।
नेपाल में विरोध कि आग इस कदर फैली थी कि 9 सितंबर को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद पर इस्तीफा देना पड़ा था। भ्रष्टाचार और नेपोटिज्म के विरोध में आंदोलन देखते हीं देखते पूरे देश में फैल गया था। इस विरोध के कारण प्रधानमंत्री समेत सभी मंत्रियों को अपना पद छोड़ना पड़ा था।
जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गुरुवार को सुना के हेलीकॉप्टर से सैन्य बैरक से भक्तपुर लाया गया है, यहां उनके लिए एक किराए का घर लिया गया है जिसमें वे अब रहेंगे।
नेपाल के अपदस्थ प्रधानमंत्री ओली 10 दिनों के बाद सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं। उन्हें गुरुवार को सेना के हेलिकॉप्टर से शिवपुरी सैन्य बैरक से भक्तपुर लाया गया,जहां उनके लिए एक घर किराए पर लेकर रखा गया है। दरअसल आंदोलन के दौरान उन्हें सुरक्षित बाहर निकल गया था और सेना के बैरेक में रखा गया था।
नेपाल के आंदोलनकारी ने केपी शर्मा ओली के घर में आग लगा दी थी। जिसके कारण अब उन्हें रहने के लिए सेना ने किराए का मकान ढूंढा है। फिलहाल नेपाल की स्थिति तेजी से समान्य हो रही है। यहां कार्यकारी प्रधानमंत्री ने पद संभालते हुए सेना की मदद से स्थिति को समान्य करने की पहल कर रहे हैं। नेपाल में सुशीला कार्की को कार्यकारी प्रधानमंत्री बनाया गया है। आंदोलनकारी इस परिवर्तन को अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं। लेकिन आंदोलन के दौरान जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। हालत यह है कि आंदोलन के दौरान नेपाल के कई इमारतें को क्षतिग्रस्त और आग के हवाले किया गया था। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली का आवास भी आग के हवाले कर दिया गया था, जिसके लिए अब सेना द्वारा किराए का मकान ढूंढा गया है।
Keywords – Nepali Soldiers, Military Barracks, Interim Government, Acting Prime Minister, Situation In Nepal

