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ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें! TMC के 20 सांसदों ने स्पीकर को लिखा लेटर, NDA को करेंगे सपोर्ट

पश्चिम बंगाल भारत
why only bengal not assam mamata banerjee raises questions on sir process in supreme court

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी होती दिख रही है। विधायकों के बाद अब पार्टी के कुछ सांसदों के भी नेतृत्व से नाराज होने की खबरें सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, करीब 20 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को एक पत्र भेजा है, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। चर्चा है कि ये सांसद आगे चलकर अलग राजनीतिक मंच बनाने या नया कदम उठाने पर विचार कर सकते हैं। इस घटनाक्रम ने पार्टी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसी बीच ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने पहुंची हैं, जहां पार्टी की मौजूदा स्थिति और सांसदों के रुख पर भी नजर बनाए हुए हैं।

लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजने के बाद बढ़ीं सियासी अटकलें

तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष के बीच कई सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजे जाने की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि कुछ सांसद संगठन के भीतर अलग पहचान बनाने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सांसदों के एक बड़े समूह के सक्रिय होने से लोकसभा में नए राजनीतिक समीकरण उभर सकते हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

NDA के समर्थन की चर्चा से बंगाल की राजनीति में हलचल

तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि पार्टी के कई सांसद भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर नया फैसला लेने के पक्ष में हैं। उनके अनुसार, करीब 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजकर एनडीए के साथ आगे बढ़ने की इच्छा जताई है। दस्तीदार का कहना है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों और जनादेश को देखते हुए कई सांसद मानते हैं कि उनका अगला राजनीतिक कदम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के साथ मिलकर काम करने की दिशा में हो सकता है।

दिल्ली में बागी सांसदों की सक्रियता से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष अब राष्ट्रीय राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठकों के बीच टीएमसी के कुछ सांसदों ने अलग से चर्चा की, जिससे राजनीतिक हलकों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कई सांसद शामिल हुए और संगठन की भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेजे जाने की खबरों ने पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

विधायकों की बगावत के बाद सांसदों की नाराजगी भी आई सामने

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पार्टी के कुछ सांसद लगातार आपसी संपर्क में बने हुए हैं और दिल्ली में अलग-अलग स्तर पर बैठकों का दौर जारी है। इन मुलाकातों ने टीएमसी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई विधायकों ने नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठाए थे। विपक्ष के नेता के चयन को लेकर भी पार्टी में मतभेद खुलकर सामने आए, जिससे संगठन के भीतर बढ़ती असहमति और नेतृत्व के सामने खड़ी चुनौतियों की चर्चा तेज हो गई है।

Keywords: TMC MPs Rebellion, Mamata Banerjee Political Crisis, West Bengal Political Turmoil

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