- Advertisement -
- Advertisement -

Unnao Rape Case: उन्नाव रेप केस में हाईकोर्ट के आदेश पर SC ने लगाई रोक, कुलदीप सेंगर को लगा झटका

कानूनी खबरें भारत
unnao rape case supreme court stays delhi hc bail kuldeep sengar

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप केस में सोमवार दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। वेकेशन बेंच याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह सुनवाई कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित कर उन्हें सशर्त जमानत दे दी थी, जिसके बाद सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दायर की थी।

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़े अन्य मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसके चलते वह अभी भी जेल में बंद हैं। इस फैसले से पीड़िता और उसके परिवार में असंतोष है और उन्होंने गहरा रोष व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि सजा अपर्याप्त है, और इसी मांग को लेकर वे लगातार दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

सीबीआई की ओर से एटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह मामला नाबालिग के साथ हुए बेहद भयावह बलात्कार का है और हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इस पर जस्टिस जेके महेश्वरी ने कहा कि धारा 376 पर पहले ही विचार किया जा चुका है। एसजी मेहता ने आगे कहा कि हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की, जबकि यह मामला नाबालिग पीड़िता से जुड़ा है।

जानें पूरा मामला:

उत्तर प्रदेश के तत्कालीन विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर उन्नाव जिले की एक नाबालिग लड़की ने 2017 में बलात्कार का आरोप लगाया था। इसके बाद दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने 2019 में सेंगर को बलात्कार का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत और गवाहों को प्रभावित करने के मामलों में भी उन्हें दोषी पाया गया। लेकिन 23 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अपील लंबित रहने तक सजा निलंबित कर दी और सशर्त जमानत प्रदान की, जिसमें काटी गई सजा की अवधि (सात साल पांच महीने) और कानूनी आधारों का हवाला दिया गया।

Keywords: Unnao Rape Case, Kuldeep Singh Sengar, CBI Challenge In Supreme Court, Delhi High Court Bail Order

What do you think?

- Advertisement -