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राबड़ी आवास विवाद पर सम्राट चौधरी का तंज, बोले- ‘मां को अलग घर चाहिए और बेटे को अलग’

बिहार भारत
samrat choudhary takes a dig at rabri residence row says mother wants one house son wants another

Photo Credit: Social Media

बिहार की राजनीति में आवास विवाद को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ नेताओं की प्राथमिकता अब भी सरकारी आवास हासिल करना है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्य अलग-अलग घर चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे पद और सरकारी सुविधाओं से जुड़े नहीं हैं और पार्टी का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है। उनके अनुसार, यदि संगठन कभी जिम्मेदारी वापस लेने को कहे तो वह बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत पद छोड़ देंगे।

सरकारी आवास पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान

सम्राट चौधरी ने सरकारी आवास को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को सरकारी संपत्ति को निजी अधिकार की तरह नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे राजनीतिक जीवन में कई अहम पद संभाले, लेकिन निजी आवास में रहना पसंद किया। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक परंपराओं का पालन करने के लिए नीतीश कुमार की सराहना की और कहा कि सरकारी आवास जनता की सेवा करने वाले पदाधिकारियों के लिए होता है, किसी व्यक्ति या परिवार की स्थायी संपत्ति नहीं।

‘पद नहीं, जनता की सेवा सबसे बड़ी जिम्मेदारी’

सम्राट चौधरी ने कहा कि राजनीति में उनका मकसद व्यक्तिगत सुविधाएं हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्हें कई सरकारी आवास मिले, लेकिन उन्होंने अधिकांश का इस्तेमाल प्रशासनिक और कार्यालयी कार्यों के लिए किया। उन्होंने विपक्ष पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग आवास और सुविधाओं की राजनीति में उलझे हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों का असली दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी का निर्देश उनके लिए सर्वोपरि है और जरूरत पड़ने पर वे तुरंत सरकारी आवास छोड़ सकते हैं।

Keywords: Samrat Choudhary Rabri Devi Bungalow Row, Bihar Government Residence Controversy, Bihar Political News

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