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बिहार में दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग शुरू, 20 जिलों की 122 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर

बिहार भारत
bihar second phase voting begins 122 seats across 20 districts at stake for political bigwigs

Bihar Assembly Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। सोमवार को दूसरे और आखिरी चरण के मतदान की शुरुआत सुबह 7 बजे से हुई। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। करीब 3.7 करोड़ मतदाता 1302 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। पहले चरण के मुकाबले इस बार वोटिंग के शुरुआती घंटों में ज्यादा उत्साह देखा गया है। सुबह 9 बजे तक करीब 14.55% मतदान हो चुका था।

मतदान केंद्रों की संख्या और सुरक्षा व्यवस्था

दूसरे चरण के मतदान के लिए राज्यभर में कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए चार लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। विशेष सुरक्षा व्यवस्था सीमांचल और नेपाल सीमा से सटे इलाकों जैसे किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधुबनी में की गई है। इन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या के कारण यह चरण राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिग्गज नेताओं की साख दांव पर

इस चरण में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार के छह से अधिक मंत्रियों की साख दांव पर लगी हुई है। प्रमुख उम्मीदवारों में जेडीयू के बिजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल), भाजपा की रेनू देवी (बेतिया) और नीरेज कुमार सिंह ‘बबलू’ (छातापुर) शामिल हैं। इसके अलावा, लेशी सिंह (धमदाहा) और शीला मंडल (फुलपरस) भी अपनी सीटें बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद कटिहार से लगातार पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं। वहीं, कांग्रेस के राजेश कुमार (कुटुंबा) और सीपीआई(एमएल) के महबूब आलम (बलरामपुर) भी अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल करने के लिए जोर-शोर से अभियान चला रहे हैं।

सीमांचल और मिथिलांचल में कड़ी टक्कर

दूसरे चरण में मिथिलांचल, सीमांचल, चंपारण बेल्ट और मगध क्षेत्र की सीटें शामिल हैं। ये क्षेत्र न केवल अपनी सामाजिक विविधता के लिए प्रसिद्ध हैं, बल्कि यहां के मतदान रुझान राज्य की सत्ता का समीकरण भी तय करते हैं। सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम आबादी अधिक होने के कारण एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। एनडीए जहां ‘घुसपैठ’ का मुद्दा उठाकर विपक्ष पर हमला कर रहा है, वहीं विपक्ष विकास और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जोर देकर जनता से जुड़ने की रणनीति अपना रहा है।

जन सुराज और नए चेहरे भी मैदान में

इस चरण में प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान की भी परीक्षा हो रही है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे पहले चरण से भी ज्यादा संख्या में मतदान करें और “व्यवस्था परिवर्तन” का हिस्सा बनें। वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने अपने परिवार के साथ मतदान किया और लोगों को वोट देने के लिए प्रेरित किया। इस चरण में कई दलबदलू नेता भी चुनावी मैदान में हैं, जैसे संगीता कुमारी (मोहनिया, भाजपा), विधवा देवी (नवादा, जेडीयू) और मुरारी गौतम (मुरारी, लोजपा-रामविलास)। इसके अलावा, बांका के सांसद के बेटे चाणक्य प्रकाश रंजन, जो आरजेडी के टिकट पर बेलहर से चुनाव लड़ रहे हैं, भी इस चुनाव में प्रमुख चेहरा हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की तैयारी

राज्य चुनाव आयोग ने दूसरे चरण की वोटिंग के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस, सीएपीएफ और होमगार्ड की संयुक्त टीमें संवेदनशील मतदान केंद्रों पर तैनात की गई हैं। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई मतदान केंद्रों को “सखी बूथ” घोषित किया गया है, जहां केवल महिला अधिकारियों की टीम मौजूद रहेगी। किशनगंज, अररिया और सुपौल जैसे जिलों में सुबह से ही महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें देखी गईं, जिससे मतदान प्रतिशत में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। इन जिलों में लोगों में मतदान के प्रति विशेष उत्साह और जागरूकता नजर आ रही है, जो इस चुनाव के महत्व को और भी बढ़ा रहे हैं।

नेताओं की अपील

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी करते हुए कहा, “मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि दायित्व भी है।” उन्होंने राज्य के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बिहार के मतदाताओं से नए रिकॉर्ड की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से कहा कि वे न केवल खुद मतदान करें, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करें।

विपक्षी नेताओं ने भी मतदाताओं से लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की और सभी से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान में भाग लेने की आग्रह किया। चुनाव आयोग के अनुसार, सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है और मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है।

नतीजों पर टिकी निगाहें

पहले चरण में 65% से अधिक मतदान दर्ज किया गया था, और अब उम्मीद की जा रही है कि दूसरा चरण इस आंकड़े को पार कर जाएगा। बिहार के मतदाता इस बार विकास, रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर वोट दे रहे हैं। अब सभी की नजरें 122 सीटों के परिणामों पर हैं, जो यह तय करेंगे कि नीतीश कुमार की सत्ता कायम रहेगी या इंडिया गठबंधन को नई दिशा मिलेगी। एक बात साफ है कि बिहार की जनता ने इस बार भी लोकतंत्र के इस महापर्व को पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया है, और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया है।

Keywords: Bihar Assembly Elections, Phase 2 Voting, DA Vs INDIA Alliance, Bihar Polls, Election Commission

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