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वॉल स्ट्रीट पर भूचाल: कैसे एक भारतीय ने 4000 करोड़ रुपये का लोन फ़्रॉड करके पूरे प्राइवेट क्रेडिट मार्केट को हिला दिया?

दुनिया क्राइम भारत
earthquake on wall street how did an indian commit a 4000 cr loan fraud and shake the entire private credit market

Photo Credit- X

अमेरिका में एक बहुत बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। एक भारतीय मूल का बिज़नेसमैन जिसका नाम बैंकिम ब्रह्मभट्ट है, उस पर 500 मिलियन डॉलर का कर्ज़ लेकर धोखा देने का इल्जाम लगा है। यह पैसा अगर हम भारतीय रुपये में देखें तो 4000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है। एक बड़ी अख़बार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस पूरी बात को खुलकर बताया है। ब्रह्मभट्ट की दो कंपनियाँ हैं जो फ़ोन और इंटरनेट से जुड़ा काम करती हैं। उसने इन्हीं कंपनियों के नाम पर अमेरिकी बैंकों से बहुत सारा लोन लिया। निवेशकों के बीच अब सवाल उठ रहा है कि इतना बड़ा फ़्रॉड आख़िर कैसे हो गया और कर्ज़ देने के बाज़ार में ईमानदारी कहाँ चली गई।

नकली काग़ज़ों से कैसे लिया गया इतना सारा कर्ज़

ब्रह्मभट्ट ने अपनी कंपनियों को बड़ा दिखाने के लिए बहुत सारी चालाकी की। उसने झूठे ग्राहक खाते बनाए और नकली कमाई के काग़ज़ तैयार किए। इन सब नकली चीज़ों को बैंक को दिखाया और कर्ज़ ले लिया। यह सब 2018 से ही चल रहा था, मगर असली बड़ी रकम सितंबर 2020 में ली गई जब एक इनवेस्टमेंट कंपनी एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स ने पहली बार पैसा देना शुरू किया। अगस्त 2024 तक यह क़र्ज़ 430 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया। इसमें से लगभग आधा पैसा एक बड़े फ़्रेंच बैंक बीएनपी परिबास ने दिया था। ब्रह्मभट्ट ने सबको यकीन दिलाया कि उसकी कंपनी बहुत पैसा कमा रही है, मगर हक़ीक़त में ज़्यादातर ग्राहक के खाते फ़र्ज़ी थे। जब एचपीएस के एक आदमी को कुछ ईमेल पर शक हुआ, तब जाँच शुरू हुई और पता चला कि पिछले दो साल में हर एक ग्राहक का ईमेल नक़ली था।

बड़ी कंपनियाँ भी फँसी इस घोटाले में

इस बड़े घोटाले में कई बड़े नाम फँस गए हैं। एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स ब्लैकरॉक नाम की एक बहुत बड़ी इनवेस्टमेंट कंपनी का हिस्सा है। ब्लैकरॉक के लिए यह मामला अब बहुत बड़ी मुश्किल बन गया है। रिपोर्ट बताती है कि ब्रह्मभट्ट की कंपनियों ने कर्ज़ का सारा पैसा विदेशों के खातों में भेज दिया, जिसमें भारत और मॉरीशस के खाते भी शामिल हैं। ब्लैकरॉक और दूसरे कर्ज़ देने वाले अब 500 मिलियन डॉलर से ज़्यादा का पैसा वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटना ने प्राइवेट लोन के बाज़ार पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ कंपनियाँ अनुमानित कमाई दिखाकर आसानी से कर्ज़ ले लेती हैं। हालाँकि ब्रह्मभट्ट के वकील ने सभी इल्जामों को ग़लत बताया है, मगर सबूत इतने मज़बूत हैं कि केस चल रहा है।

कर्ज़ न चुका पाने पर हुआ ये

जब इल्जाम और ज़्यादा गंभीर हो गया, तो अगस्त में ब्रह्मभट्ट की कंपनियों ने अमेरिका के दिवालिया क़ानून के तहत कोर्ट में अर्ज़ी दी। उसी दिन ब्रह्मभट्ट ने ख़ुद को भी दिवालिया बताने के लिए अर्ज़ी लगा दी। जब पत्रकार उसके न्यू यॉर्क वाले ऑफ़िस गए, तो दरवाज़ा बंद मिला और उसमें कोई नहीं था। पड़ोसियों ने बताया कि कई हफ़्तों से कोई नहीं दिखा है। जाँच करने वालों को लगता है कि ब्रह्मभट्ट शायद अमेरिका छोड़कर भारत आ चुका है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद हो गए हैं। एचपीएस ने एक क़ानूनी फ़र्म को जाँच दी, जिसने इस पूरे धोखे की पोल खोल दी।

Keywords: Indian-Origin Entrepreneur Loan Fraud, US Financial Scam BlackRock, Private Credit Market Fraud

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