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Oil Crisis: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत, 20 हजार टन LPG लेकर सुरक्षित पहुंचा गैस टैंकर

पश्चिम एशिया में तनाव और तेल संकट की चिंता के बीच राहत की खबर सामने आई है। 20 हजार टन एलपीजी लेकर टैंकर ‘सिमी’ सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच गया।

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Oil Crisis: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर दुनिया भर में चिंता के माहौल के बीच भारत के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। करीब 20 हजार टन एलपीजी से भरा ‘सिमी’ नाम का टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया। यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य पार करके भारत आया, जिसे दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को वैश्विक समुद्री रास्तों से जोड़ता है और तेल-गैस सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है, भारत तक एलपीजी की सुरक्षित पहुंच को ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

भारत-ईरान के बीच हुई अहम चर्चा

पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात को लेकर ईरान और भारत के बीच उच्चस्तरीय बातचीत हुई। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बातचीत में भरोसा दिलाया कि ईरान समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम है और ईरान हमेशा अपने सहयोगी देशों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने भारत के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक और महत्वपूर्ण बताया।

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भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर खास नजर

सूत्रों के अनुसार, भारत की ओर आ रहे एलपीजी जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। ‘एमवी सनशाइन’ नाम का एलपीजी टैंकर भी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचने की प्रक्रिया में था, जिसके लिए कई स्तरों पर सुरक्षा इंतजाम किए गए। बताया जा रहा है कि फारस की खाड़ी से सुरक्षित निकाले गए एलपीजी जहाजों में यह 15वां जहाज है। भारतीय नौसेना समेत कई एजेंसियां इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई हैं।

ईरान ने हालात सामान्य होने का जताया भरोसा

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि क्षेत्र में तनाव कम होने और शांति बहाल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति और अधिक सुरक्षित हो जाएगी। उनके मुताबिक भविष्य में वहां पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में स्थिरता लौटने के बाद वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पहले से बेहतर तरीके से संचालित होगी।

भारत की भूमिका पर ईरान का भरोसा

ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और तनाव कम करने के लिए भारत की किसी भी सकारात्मक पहल का ईरान समर्थन करेगा। उन्होंने भारत को संतुलित और शांतिपूर्ण सोच वाला देश बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी काफी मजबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भारत कोई मध्यस्थता या बातचीत की पहल करता है, तो तेहरान उसका स्वागत करेगा।

Keywords: Oil Crisis, Middle East Tension , India LPG Tanker, Iran India Relations

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