PM Modi UAE Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पांच देशों का विदेश दौरा आज से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से हुई है। इसके बाद वे नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा करेंगे। सुबह साढ़े आठ बजे पीएम मोदी UAE के लिए रवाना हुए। अबू धाबी में वे राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान से मुलाकात करेंगे। इस दौरान एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण से जुड़े अहम समझौतों पर सहमति बनने की संभावना है। हाल ही में OPEC से UAE के बाहर आने के फैसले के बीच यह साझेदारी और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
ऊर्जा साझेदारी पर फोकस के साथ भारत-यूएई संबंधों में नई मजबूती
पीएम मोदी की यूएई यात्रा का मुख्य केंद्र ऊर्जा सहयोग है, जहां दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते होने की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव और हालिया संघर्षों के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए यूएई के साथ एलपीजी और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण पर बड़े समझौते कर सकता है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत की तेल नीति पर बढ़ी नजर
पीएम मोदी की यूएई यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ी हुई है। देश में तेल संरक्षण की पहल जारी है और रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिका की छूट 16 मई के बाद खत्म होने की संभावना है। अगर यह राहत आगे नहीं बढ़ती, तो भारत को रूसी तेल आयात में कटौती करनी पड़ सकती है। इसी बीच भारत ने अमेरिका से इस छूट को बढ़ाने का अनुरोध किया है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार नई दिल्ली ने वॉशिंगटन को मौजूदा हालात में ऊर्जा सुरक्षा को बेहद जरूरी बताया है। हालांकि विदेश मंत्रालय और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिसके चलते यूएई दौरे को और भी अहम माना जा रहा है।
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