पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। नियम के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी थी, जिसके चलते उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया है और अब वे भवानीपुर से विधायक बने रहेंगे। उन्होंने विधानसभा में भवानीपुर विधायक के रूप में शपथ भी ली। इसी सीट पर उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था।
सीट चयन को लेकर दिया था बयान
दोनों सीटों पर जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि वह 10 दिनों के भीतर एक सीट छोड़ देंगे। उन्होंने यह भी बताया था कि किस सीट को रखना है, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि उनकी अपनी राय भी होगी, जिसे वह पार्टी के सामने रखेंगे और अंतिम निर्णय नेतृत्व पर निर्भर होगा।
नंदीग्राम सीट पर जीत का आंकड़ा
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर टीएमसी उम्मीदवार पबित्र कर को हराया था। उन्हें कुल 1,27,301 वोट मिले, जबकि पबित्र कर को 1,17,636 वोट प्राप्त हुए। इस मुकाबले में सीपीआई के संती गोपाल गिरी करीब तीन हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार शेख जरितुल हुसैन को केवल 794 वोट मिले और वे पांचवें स्थान पर रहे।
भवानीपुर में जीत का वोट अंतर
शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के चुनाव में भवानीपुर सीट पर जीत हासिल की। इस मुकाबले में उन्हें 73,917 वोट मिले, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 58,812 वोट प्राप्त हुए। इस तरह शुभेंदु ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया और सीट पर अपनी पकड़ मजबूत की।
नंदीग्राम सीट का राजनीतिक महत्व
ममता बनर्जी के लिए नंदीग्राम सीट पहले एक मजबूत राजनीतिक आधार मानी जाती थी, लेकिन पिछले चुनाव में हार के बाद उन्होंने यहां से दूरी बना ली। वहीं शुभेंदु अधिकारी इस सीट को अपना राजनीतिक गढ़ मानते हैं और उनका करियर भी इसी क्षेत्र से जुड़ा रहा है। साल 2007 में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए आंदोलन का नेतृत्व भी उन्होंने यहीं से किया था।
Keywords: Nandigram Vs Bhabanipur Election Results, Suvendu Adhikari West Bengal Politics, West Bengal Assembly Election

