US Iran Peace Talks In Pakistan: इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे दोबारा बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने दोहराया कि हालात के चलते ईरान की स्थिति पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है।
ट्रंप का सख्त संदेश, ईरान पर नहीं होगी नरमी
पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हालात को सबसे बेहतर तरीके से समझता है। उन्होंने साफ दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिए जाएंगे। ट्रंप के मुताबिक, बातचीत के दौरान भी ईरान की मंशा साफ दिखी, लेकिन अमेरिका इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।
बातचीत पर ट्रंप का बेपरवाह रुख
तेहरान के साथ दोबारा वार्ता की संभावना पर डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इसकी ज्यादा चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत फिर शुरू होती है तो ठीक है, और अगर नहीं होती तो भी अमेरिका के रुख में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
ईरान के बयानों पर ट्रंप का सवाल
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर पड़ चुकी है और उसके पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि उसकी नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ी है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव के संकेत मिले हैं और अमेरिका ने उसके कई हथियारों को नुकसान पहुंचाया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़े बयान देता रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बयानों पर वैश्विक स्तर पर सख्त प्रतिक्रिया क्यों नहीं होती। ट्रंप के मुताबिक, यह गंभीर मुद्दा है, लेकिन दुनिया इसे नजरअंदाज करती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में अमेरिका की कार्रवाई के बाद अब हालात में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
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