मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट से कई देशों के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, लेकिन भारत के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति मिल रही है। 28 फरवरी के बाद से अब तक भारत के 8 जहाज इस मुश्किल रास्ते को पार कर चुके हैं। इससे न सिर्फ भारत की वैश्विक व्यापार में मजबूत मौजूदगी दिखी है, बल्कि देश की ऊर्जा आपूर्ति भी सुरक्षित बनी हुई है। शिवालिक से लेकर ग्रीन सांववी जैसे जहाज लगातार भारत लौट रहे हैं।
होर्मुज पार करने वाले भारतीय जहाजों की पूरी सूची
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी, पाइन गैस, जग वसंत, BW Tyr, BW Elm और ग्रीन सांववी जैसे जहाजों ने इस चुनौतीपूर्ण रास्ते को सफलतापूर्वक पार किया और सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंचे।
ग्रीन सान्वी ने पार किया संवेदनशील समुद्री रास्ता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत का एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया। इस जहाज ने ईरान के समुद्री क्षेत्र के पास तय मार्ग से सफर किया, ताकि जोखिम भरे इलाके से बचा जा सके। बताया जा रहा है कि टैंकर में करीब 44,000 टन एलपीजी है, जो भारत की लगभग आधे दिन की जरूरत को पूरा कर सकता है।
भारत के और जहाज रास्ते में
विशेषज्ञों के अनुसार, जल्द ही भारत के दो और एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ के होर्मुज स्ट्रेट पार कर देश पहुंचने की संभावना है। वहीं ग्रीन सान्वी के गुजरने के बाद अब फारस की खाड़ी के पूर्वी हिस्से में भारत के झंडे वाले जहाजों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
ईरान ने समंदर में दिया भारतीय जहाजों को रास्ता
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर ईरान से संपर्क बनाए हुए है, ताकि उसके व्यापारी जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर सकें। हालात को देखते हुए ईरान ने जहाजों की आवाजाही पर कुछ हद तक पाबंदियां लगाई हैं, लेकिन जिन देशों को वह मित्र मानता है, उनके जहाजों को अनुमति दी जा रही है। इसी के तहत भारत समेत कुछ अन्य देशों के जहाज तय समन्वय के साथ इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर पा रहे हैं।
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