अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए Iran के खिलाफ अपनी सख्त नीति और हालिया सैन्य कार्रवाई पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति रही है, लेकिन ईरान ने लगातार परमाणु हथियारों की दिशा में कदम बढ़ाते हुए हर समझौते को ठुकरा दिया।
कूटनीति के बावजूद सैन्य कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि इसी वजह से उन्होंने जून में “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमला करने का आदेश दिया। उन्होंने दावा किया कि इस ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए B-2 Spirit bomber ने शानदार प्रदर्शन किया और ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
#WATCH | Addressing the nation, US President Donald Trump says, "Tonight, every American can look forward to a day when we are finally free from the wickedness of Iranian aggression and the spectre of nuclear blackmail. Because of the actions we have taken, we are on the cusp of… pic.twitter.com/0AUrvuCdpB
— ANI (@ANI) April 2, 2026
हमले के बाद भी नहीं रुका परमाणु कार्यक्रम
ट्रंप के मुताबिक, इस हमले के बाद भी ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को एक नई जगह पर फिर से शुरू करने की कोशिश की। इससे साफ हो गया कि वह अपने परमाणु हथियारों के इरादे को छोड़ने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तेजी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़ा भंडार तैयार कर रहा था, जो भविष्य में अमेरिका, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए खतरा बन सकता था।
मिसाइल रणनीति पर बड़ा दावा
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि ईरान की रणनीति साफ थी—ज्यादा से ज्यादा और लंबी दूरी की मिसाइलें बनाना। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास कुछ ऐसे खतरनाक हथियार भी थे, जिनके बारे में पहले किसी को जानकारी नहीं थी, लेकिन अमेरिकी कार्रवाई में उन्हें भी नष्ट कर दिया गया।
#WATCH | Addressing the nation, US President Donald Trump says, "World War I lasted one year, seven months, and five days. World War II lasted for three years, eight months, and 25 days. The Korean War lasted for three years, one month, and two days. The Vietnam War lasted for 19… pic.twitter.com/2HdnnOszTk
— ANI (@ANI) April 2, 2026
परमाणु हथियार की दहलीज पर ईरान
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान एक ऐसे परमाणु हथियार को हासिल करने की दहलीज पर पहुंच चुका था, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्षों से दुनिया कहती रही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, लेकिन यदि समय आने पर ठोस कदम न उठाए जाएं, तो ऐसे बयान सिर्फ शब्द बनकर रह जाते हैं।
ईरान पर गंभीर आरोप
राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह शासन पिछले 47 वर्षों से “अमेरिका का नाश हो, इज़रायल का नाश हो” जैसे नारे लगाता आ रहा है।
आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
उन्होंने कहा कि बेरूत में अमेरिकी मरीन बैरक पर हुए बम धमाके, जिसमें 241 अमेरिकी सैनिक मारे गए थे, और सड़क किनारे लगाए गए बमों से सैकड़ों सैनिकों की मौत के पीछे ईरान समर्थित तत्वों का हाथ रहा है। ट्रंप के मुताबिक, USS Cole पर हुए हमले में भी इनका संबंध रहा है।
#WATCH | Addressing the nation, US President Donald Trump says, "We've actually done much better than I thought, but we had to take that little journey to Iran to get rid of this horrible threat. With our historic tax cuts, where people are just now talking about receiving larger… pic.twitter.com/lVROsxLmKX
— ANI (@ANI) April 2, 2026
7 अक्टूबर हमले का जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान से जुड़े समूह कई अन्य हिंसक घटनाओं में शामिल रहे हैं, जिनमें हाल ही में Israel में 7 अक्टूबर को हुई भयावह और रक्तरंजित घटना भी शामिल है। उन्होंने इस हमले को अभूतपूर्व क्रूरता का उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसी घटना पहले बहुत कम लोगों ने देखी होगी।
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